जुड़वां इंजीनियर बहनों ने एक ही शख्स से रचाई शादी, युवक के खिलाफ केस दर्ज

दोनों बहनों ने अतुल नाम के युवक से शादी करने का फैसला किया। दोनों बचपन से एक ही घर में रहती थीं और आगे भी साथ ही रहना चाहती थीं।
मुंबई के कांदीवली में दो जुड़वां बहनों रिंकी और पिंकी ने एक ही शख्स से शादी रचा ली। हैरान करने वाली बात यह है कि दोनों के परिवार वाले इस शादी के लिए तैयार हो गए। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि दोनों बहनें आईटी इंजीनियर हैं। युवक के खिलाफ विवाह कानून के उल्लंघन पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।
दोनों बहनों ने अतुल नाम के युवक से शादी करने का फैसला किया। दोनों बचपन से एक ही घर में रहती थीं और आगे भी साथ ही रहना चाहती थीं। कुछ दिन पहले ही उनके पिता का निधन हो गया, तो दोनों अपनी मां के साथ मलशीरस तालुका आकर रहने लगीं। अचानक उनकी मां बीमार हो गईं तो दोनों ने उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए अतुल की कार का इस्तेमाल किया। इसी दौरान अतुल दोनों जुड़वां बहनों के करीब आ गया। फिर दोनों बहनों ने अतुल से शादी करने का फैसला किया।
दक्षिण मुंबई के कोलाबा में एक एनआरआई व्यवसायी ने अपने आवास की दसवीं मंजिल की बालकनी से कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने रविवार को जानकारी दी। एक अधिकारी ने कहा, व्यवसायी (58 वर्षीय) प्रथम दृष्टया व्यवसाय (बिजनेस) में हुए नुकसान के कारण डिप्रेशन में था। पुलिस के मुताबिक, व्यवसायी अपनी मां का जन्मदिन मनाने के लिए मुंबई आया था।
अधिकारी ने बताया कि वह कोलाबा में एक लग्जरी होटल द्वारा संचालित अपार्टमेंट के भूतल पर पड़ा हुआ पाया गया। पुलिस को संदेह है कि कारोबारी ने शनिवार दोपहर दसवीं मंजिल की बालकनी से छलांग लगा दी। वह यूएई में बिजनेस में घाटा होने के कारण डिप्रेशन में था। अधिकारी ने कहा, मृतक के परिजनों ने किसी तरह की गड़बड़ी की शिकायत नहीं की है। उन्होंने कहा कि पुलिस आकस्मिक मौत का मामला दर्ज किया है।
मुंबई के उपनगरीय इलाके नवी मुंबई के सीवुड स्थित सेंट बेथल गॉस्पेल चर्च में अवैध रूप से चलाए जा रहे बाल गृह से 45 बच्चों को बचाया गया है। इसके बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) की सिफारिशों के आधार पर बिल्डिंग को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआई) के प्रमुख प्रियांक कानूनगो ने ट्वीट करके यह जानकारी दी। बता दें कि इस चर्च के पादरी पर चार लड़कियों ने यौन शोषण करने के आरोप लगाए थे। इस संबंध में चर्च के पास्टर राजकुमार येशुदासन को गिरफ्तार कर लिया गया था। पादरी की गिरफ्तारी के बाद से ही चर्च की वैधता पर सवाल उठने लगे थे।



