‘परफेक्ट मर्डर’ आफताब ने कई बार की श्रद्धा को मारने की कोशिश

श्रद्धा वॉर्कर मर्डर केस में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं. अब पता चला है कि आफताब ने कई बार श्रद्धा को मारने की कोशिश की थी, लेकिन डर की वजह से कभी हिम्मत नहीं जुटा पाया. इसके बाद दिल्ली आकर उसने मर्डर का प्लान बनाया और छतरपुर में घटना को अंजाम दिया. दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, आफताब ने पुलिस को बताया कि उसने पहले भी कई बार श्रद्धा को जान से मारने की कोशिश की थी. उसने बताया कि जब भी उसका झगड़ा श्रद्धा से होता था तो उसके मन मे ख्याल आता था कि श्रद्धा को जान से मार देना चाहिए. आफताब ने पुलिस को बताया कि उसने सबसे पहले मार्च के महीने में श्रद्धा की हत्या करने के बारे में उस वक्त सोचा, जब उसका श्रद्धा के साथ झगड़ा हुआ था. श्रद्धा को आफताब पर हमेशा शक रहता था कि वो किसी और लड़की के साथ भी डेट कर रहा हगै. जबकि, आफताब को लगता था कि श्रद्धा की जिंदगी मे भी कोई दूसरा लड़का है. आफताब ने बताया, ‘हमारे झगड़े के बाद हम दोनों ने एक दूसरे को भरोसा दिलाया कि हम दोनों एक दूसरे को धोखा नहीं दे रहे है, जिसके बाद हमने अपने रिलेशन को एक बार दोबारा नए सिरे से शुरू करने की प्लानिंग की और तय किया कि दोनों को एक महीने के लिए लंबे टूर पर पहाड़ों में जाना चाहिए.
आफताब ने पुलिस को बताया कि हिमाचल प्रदेश के कसोल के होटल में भी दोनों का उस वक्त झगड़ा हुआ था, जब आफताब कमरे से बाहर जाकर किसी लड़की से फोन पर बात कर रहा था. इस बात पर दोनों का झगड़ा हुआ था, लेकिन मामला उसी वक्त शांत हो गया, जिसके बाद दोनों ने फैसला किया कि वो अब वापस मुंबई नहीं जाएंगे और कहीं और जाकर एक नई शुरुआत करेंगे.हिमाचल के टूर के दौरान दोनों की मुलाकात बद्री नाम के लड़के से हुई, जो दिल्ली के छत्तरपुर इलाके में ही रहता था. आफताब ने पुलिस को बताया, ‘बद्री के कहने पर ही हम दोनों दिल्ली आए और यहां रहने का फैसला किया. दिल्ली आने के बाद भी हमारा झगड़ा होता था, लेकिन श्रद्धा के इमोशनल होने की वजह से मैं उसे जान से मारने की हिम्मत नहीं जुटा सका.’ आफताब ने पुलिस को बताया कि जब भी झगड़ा होता तो श्रद्धा अचानक से रोने लगती, पुलिस को बताया कि उसके कई हिंदू लड़कियों से संबंध रह चुके है. सूत्रों के मुताबिक आफताब ने पुलिस को बताया कि श्रद्धा के साथ मुंबई में लिविंग में रहने के दौरान उसके कई हिंदू लड़कियों से भी संबंध रहे है.
दिल्ली आने के बाद भी उसका श्रद्धा से झगड़ा होना बंद नहीं हुआ. 16 मई को भी दोनों के बीच फोन पर किसी और से बात करने को लेकर झगड़ा हुआ, जिसके बाद रात को आफताब गुस्से में घर से निकल गया. जब वो पैदल काफी दूर गया और आस-पास घने जंगल देखे तो सबसे पहले उसके मन मे आया कि इन जंगलों में किसी को भी मारकर छुपाया जा सकता है.बाथरूम में रखने के बाद उसने पुलिस से बचने और लाश को ठिकाने लगाने के बारे में इंटरनेट पर काफी सर्च किया. आफताब ने पुलिस को बताया कि हत्या करने के बाद वो काफी घबरा गया था और उसे लगता था कि वो पकड़ा जाएगा, जिसके बाद उसने फैसला किया कि वो बेहद नॉर्मल जिंदगी जिएगा और किसी को भी उसके हाव-भाव से शक नहीं होने देगा कि उसने श्रद्धा का कत्ल कर दिया है. इसलिए उसने करीब 2 महीनों में 18 अलग-अलग दिन जाकर श्रद्धा के लाश के टुकड़े अलग-अलग जगह फेंके.



