
राजधानी में रामलीला के मंचन के बाद रावण वध किया जाएगा। जानकारी के अनुसार रावण दहन शहर में डब्ल्यूआरएस कालोनी, रावणभाठा, बीटीआइ ग्राउंड, माधव राव सप्रे शाला मैदान में होगा। इसकी तैयारी समितियों ने पूरी कर ली है कोरोना महामारी को देखते हुए उस साल विजयादशमी का पर्व सादगी से मनाने के लिए गाइडलाइन जारी की है। वहीं रावण पुतले की ऊंचाई 50 फीट से ज्यादा नहीं होगी। इसके अलावा जहां रावण दहन होगा, वहां कम ही लोगों को प्रवेश दिया जाएगा यानी मैदान में क्षमता से आधे लोगों को प्रवेश दिया जाएगा
बीटीआइ मैदान, माधवराव सप्रे शाला मैदान में आतिशबाजी भी तैयारी की है। वहीं डब्ल्यूआरएस कालोनी में पहले रावण के साथ कुंभकर्ण-मेघनाद का पुतला जलाया जाता था, लेकिन इस साल केवल रावण का पुतला जलेंगे। खास बात यह है कि डब्ल्यूआरएस कालोनी के आयोजन में राज्यपाल, मुख्यमंत्री भी शामिल होते हैं
पुराना रावण दहन कार्यक्रम रावणभाठा मैदान में होता है। इसकी तैयारी पूरे नवरात्र से की जाती है। दूधाधारी मठ में रामलीला के मंचन के कलाकार तैयार होंगे। उसके बाद राम, लक्ष्मण समेत हनुमान जी सेना रावण वध के लिए रावणभाठा मैदान जाएंगे, जहां रामलीला के मंचन होगा। अंत में रावण वध होंगे।
इस साल तीन फीट से लेकर 20 फीट तक रावण पुतले विभिन्ना इलाकों में बनाया जा रहा है। वहीं इसकी कीमत 300 से 10,000 रुपये तक है। शहर में राठौर चौक, बांसटाल, आमापारा, बजरंग नगर में रावण के पुतले की कलाकृतियां बनाकर बेच रहे हैं।



