सेल में बैठक: बोनस के लिए….कई मुद्दों पर होगी चर्चा

एक एनजेसीएस यूनियन भारतीय मजदूर संघ ने मीटिंग से पहले नए फार्मूले को यूनियन को देने की मांग की है ताकि बैठक में सार्थक चर्चा हो सके। वहीं अब तक कार्पोरेट आफिस की तरफ से कोई संकेत नहीं मिले हैं। सेल में बोनस के स्थान पर वर्ष 2011 में कर्मचारियों के लिए सेल परफार्मेंस इंसेंटिव स्कीम लागू की गई थी जो कि चालू वित्त वर्ष मैं प्रोडक्शन और लाभ के अनुमानित प्रदर्शन पर दी जाती है।
भिलाई इस्पात संयंत्र सहित सेल के लगभग 55,000 कर्मचारियों को दुर्गा पूजा से पहले मिलने वाले सालाना एक्सग्रेसिया के लिए 5 अक्टूबर को सेल में मीटिंग प्रस्तावित है। इस मीटिंग से पहले सभी यूनियनों ने एकमत होकर सेल की 11 वर्ष पुरानी सेल प्रोडक्शन इंसेंटिव स्कीम में बदलाव की मांग की है। इसके बाद बताया जा रहा है कि नया फार्मूला तय करने कार्पोरेट आफिस में कार्यवाही शुरू हो गई है
एक ग्रास मार्जिन जिसमें 4500 करोड़ रुपये से ज्यादा के लाभ पर 10000 रुपये का प्रविधान है । वही दूसरा वार्षिक उत्पादन योजना लक्ष्य प्राप्ति पर है, जिसमें 99 फीसद से ऊपर उत्पादन लक्ष्य हासिल करने पर 10,000 रुपये का प्रविधान है। इस तरह कर्मचारियों को अधिकतम 20000 रुपये का लाभ प्रस्तावित था ।अब तक सेल में सबसे अधिक लाभ सन् 2011 से 2013 तक 18250 रुपये ही कर्मियों को मिल पाया है।
भिलाई इस्पात संयंत्र में कर्मचारियों को एक्सग्रेसिया के रूप में मिलने वाली राशि चालू वित्त वर्ष के 6 माह के प्रदर्शन और आगामी 6 माह के आकलन के आधार पर मिलती है। जबकि अन्य सरकारी उपक्रमों में बोनस पिछले वित्त वर्ष के लाभ के आधार पर दिया जाता है। इस बार सेल का लगातार शानदार प्रदर्शन जारी है यह उम्मीद की जा रही है की कर्मचारियों को एक बड़ी राशि एक्सग्रेसिया के रूप में मिल सकती है।
सेल का लगातार दूसरी तिमाही में भी शानदार प्रदर्शन जारी है। जहां पहले तिमाही में 26 हजार करोड़ रुपए के कैश कलेक्शन के साथ 5700 करोड़ का कर पूर्व लाभ कमाया था। वही अब तक सेल 24 हजार करोड़ रुपए का कैश कलेक्शन का आंकड़ा क्रास कर चुका है। जिसके बाद उम्मीद की जा रही है कि पहली तिमाही में सेल का कर पूर्व लाभ 11 हजार करोड़ रुपये से भी अधिक होगा।
सेल में इंटक और एटक यूनियन 60,000 रुपये तक के बोनस की मांग पिछले वर्ष के कर पूर्व लाभ के आधार पर कर चुकी है। वहीं एक अन्य केंद्रीय यूनियन भारतीय मजदूर संघ ने फार्मूले में सुधार का पत्र दिया है ।वहीं स्थानीय यूनियन ने एसपीआईएस 2011 की राशि को महंगाई भत्ते से जोड़ते हुए 52000 रुपये बोनस की मांग की है ।
डीके पांडेय, राष्ट्रीय उघोग प्रभारी बीएमएस ने कहा कि बोनस को लेकर बीएमएस शुरु से ही नए फार्मूले की मांग कर रहा है। पुराने पुराने ढर्रे पर बोनस न दे। नए फार्मूले को अभी तक सेल मैनेजमेंट ने उपलब्ध नही कराया है। बोनस के लिए 5 अक्टूबर को सेल में बैठक रखी गई है। अब उसी में हम अपनी बात रखेगें।



