
(MSME) को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं शुरू होंगी।
दयम, ई-श्रम, NCS और असीम पोर्टल आपस में जुड़ेंगे। इससे इनकी संभावनाएं और ज्यादा बढ़ेंगी। अब ये लाइव ऑर्गेनिक डेटाबेस के साथ काम करने वाले प्लेटफॉर्म होंगे। इनसे क्रेडिट सुविधाएं मिलेंगी और आंत्रप्रेन्योरशिप के लिए संभावनाएं बनेंगी Budget 2022-23 for Real Estate MSME आम बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि घरेलू उद्योगों की मजबूती पर भी सरकार का पूरा जोर है। वित्त मंत्री ने कहा कि छोटे और लघु उद्योगों को 2 लाख करोड़ रुपये की मदद दी जाएगी।
देश का आम बजट पेश कर रही हैं। लगातार दूसरी बार पेश हो रहे पेपरलेस आम बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम यानी एमएसएमई के लिए कई अहम ऐलान किए गए हैं। इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी स्कीम के तहत 130 लाख से अधिक एमएसएमई को लोन दिए गए हैं। ईसीएलजीएस के दायरे को 50 हजार करोड़ रुपए से बढ़ाकर 5 लाख करोड़ रुपए तक कर दिया गया है। इससे 2 लाख करोड़ रुपए का अतिरिक्त लोन मिल सकेगा।
हीं छोटे उद्योग (MSMEs) को क्रेडिट गारंटी स्कीम (credit guarantee scheme) से मदद दी जाएगी। कहा गया कि रेलवे छोटे किसानों और छोटे व मध्यम उद्यमों के लिए नए प्रोडक्ट और कुशल लॉजिस्टिक सर्विस तैयार करेगा। Udyam, e-shram, NCS और Aseem के पोर्टल्स को इंटर लिंक किया जाएगा, जिससे इनकी पहुंच व्यापक हो जाएगी। ये पोर्टल G-C, B-C & B-B सर्विस देंगी।
देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 30 फीसदी और देश के निर्यात में 48 फीसदी की बड़ी हिस्सेदारी रखने वाले एमएसएमई सेक्टर को कोरोना महामारी के प्रकोप ने बेहाल कर दिया है। यही वजह है कि आगामी वित्त वर्ष 2021-22 के बजट में सरकार को एमएसएमई मंत्रालय के लिए भी अन्य बड़े मंत्रालयों की तरह बजटीय प्रावधान करना होगा। पिछले बजट यानी वित्त वर्ष 2021-22 में एमएसएमई सेक्टर के लिए 15,700 करोड़ का आवंटन किया गया था।



