छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली 30 ट्रेनें रद्द, त्योहारों में यात्रियों की बढ़ेंगी मुश्किलें

त्योहारों पर ट्रेनों का सफर हुआ मुश्किल: कई गाड़ियां रद्द, बदलेंगे रूट!-त्योहारी सीजन में यात्रा की योजना बनाने वालों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। रेलवे ने त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुविधा के लिए जहाँ कुछ कदम उठाए हैं, वहीं दूसरी ओर कई ट्रेनों को रद्द करने, उनके रूट बदलने और कुछ ट्रेनों को बीच में ही समाप्त करने का फैसला लिया है। यह घोषणा खासकर उन यात्रियों के लिए चिंता का विषय है जो पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र और गोवा जैसे राज्यों की यात्रा करने की सोच रहे हैं। अगस्त और सितंबर के महीने वैसे भी त्योहारों की वजह से यात्रा के लिए महत्वपूर्ण होते हैं, और ऐसे में ट्रेनों का रद्द होना लोगों की यात्रा योजनाओं पर पानी फेर सकता है।
लगातार 16 दिन ट्रेनों का रद्द होना: यात्रियों की बढ़ी परेशानी-रेलवे की ओर से 31 अगस्त से 15 सितंबर तक, यानी पूरे 16 दिनों तक छत्तीसगढ़ से गुजरने वाली लगभग 30 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इसके साथ ही 6 ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है और 5 ट्रेनों को उनके गंतव्य से पहले ही समाप्त कर दिया जाएगा। इस फैसले का सीधा असर हजारों यात्रियों की यात्रा योजनाओं पर पड़ेगा। खासकर वे लोग जो त्योहारों के दौरान अपने घर या प्रियजनों से मिलने के लिए लंबी दूरी की यात्रा करते हैं, उन्हें अब वैकल्पिक साधनों की तलाश करनी होगी। यह स्थिति यात्रियों के लिए काफी मुश्किल खड़ी कर सकती है, क्योंकि ऐन त्योहारों के मौके पर यात्रा में बाधा आना निराशाजनक होता है।
किन ट्रेनों पर पड़ेगा असर और क्या हैं रद्द होने के कारण?-रेलवे द्वारा रद्द की गई ट्रेनों में कई महत्वपूर्ण और लोकप्रिय ट्रेनें शामिल हैं। उदाहरण के लिए, बिलासपुर-टाटानगर एक्सप्रेस 31 अगस्त से 3 सितंबर तक रद्द रहेगी। वहीं, टाटानगर-इतवारी और इतवारी-टाटानगर एक्सप्रेस 3 सितंबर को प्रभावित होंगी। पुणे-सांतरागाछी एक्सप्रेस 1 सितंबर को और कामाख्या-कुर्ला एक्सप्रेस 31 अगस्त को अपनी सेवाएं नहीं देंगी। इसी तरह, कुर्ला-कामाख्या एक्सप्रेस 2 सितंबर को रद्द रहेगी। पुणे और हटिया के बीच चलने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें भी 31 अगस्त और 3 सितंबर को रद्द रहेंगी। शालीमार-उदयपुर एक्सप्रेस 31 अगस्त को और सूरत-मालदा एक्सप्रेस 1 सितंबर को रद्द होने वाली ट्रेनों की सूची में हैं। पटना-बिलासपुर एक्सप्रेस को भी 31 अगस्त को रद्द किया गया है।
मुंबई और हावड़ा रूट पर भी यात्रा हुई प्रभावित-पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी यह खबर चिंताजनक है। हावड़ा-मुंबई एक्सप्रेस 2 सितंबर को रद्द रहेगी, और इसके अगले दिन, यानी 3 सितंबर को मुंबई-हावड़ा एक्सप्रेस भी नहीं चलेगी। इसके अलावा, शालीमार-कुर्ला एक्सप्रेस 31 अगस्त को रद्द कर दी गई है। इन महत्वपूर्ण ट्रेनों के रद्द होने से बड़ी संख्या में यात्रियों को अपनी यात्रा की योजनाएं बदलनी पड़ेंगी और वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी, जिससे त्योहारों के उल्लास में थोड़ी खलल पड़ सकती है।
यात्रियों को मिली राहत, लेकिन कैंसिलेशन ने बढ़ाई मुश्किलें-एक तरफ जहाँ रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द कर यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाई हैं, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ अच्छे कदम भी उठाए हैं। त्योहारी सीजन में भीड़ को देखते हुए, राज्य के विभिन्न स्टेशनों पर 52 ट्रेनों के लिए अतिरिक्त ठहराव (स्टॉपेज) की सुविधा दी गई है। इससे यात्रियों को अपने नजदीकी स्टेशनों से ट्रेन पकड़ने में आसानी होगी। हालाँकि, जिन यात्रियों की ट्रेनें रद्द हुई हैं, उनके लिए यह राहत उतनी कारगर साबित नहीं हो रही है। उन्हें अभी भी अपनी यात्रा के लिए दूसरे विकल्प तलाशने होंगे, जो इस व्यस्त समय में एक बड़ी चुनौती हो सकती है।



