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अडाणी अब नंबर-1

1,050 करोड़ रुपए में IOTL के 49.38% स्टेक्स खरीदे.

अडाणी पोर्ट्स के CEO और होल टाइम डायरेक्टर करण अडाणी ने कहा कि इस अधिग्रहण के साथ APSEZ की ऑयल स्टोरेज कैपेसिटी 200% बढ़कर 3.6Mn KL हो गई है। इसके साथ ही यह भारत की सबसे बड़ी थर्ड-पार्टी लिक्विड स्टोरेज कंपनी बन गई है। अडाणी पोर्ट्स और स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) ने बुधवार (9 नवंबर) को IOTL में 1,050 करोड़ रुपए में 49.38% स्टेक्स खरीदे हैं।

25-साल के लिए बूट कॉन्ट्रैक्ट साइन किया
देश में ऑयल प्रोडक्ट्स की बढ़ती मांग को देखते हुए IOTL ग्रोथ की होड़ में है। कंपनी ने हाल ही में पारादीप पोर्ट पर 0.6 Mn KL क्रूड स्टोरेज टैंकों के कंस्ट्रक्शन, ऑपरेशन और मेंटेनेंस के लिए नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड के साथ 25-साल के लिए बूट कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। इसके अलावा कंपनी मौजूदा फैसिलिटीज और नए स्थानों दोनों पर अलग-अलग कई सारे प्रोजेक्ट्स पर भी बातचीत और बोली लगा रही है।

1996 में स्थापित हुई थी IOTL
1996 में स्थापित IOTL इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड और ऑयलटैंकिंग इंडिया का एक ज्वाइंट वेंचर है। पिछले 26 सालों में IOTL ने पांच राज्यों में छह टर्मिनलों का एक नेटवर्क बनाया है। जिसकी टोटल कैपेसिटी 2.4 Mn KL क्रूड और फिनिश्ड पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के स्टोरेज के लिए हैं।

FY22 में IOTL का रेवेन्यू 526 करोड़ रु रहा था
IOTL की ज्यादातर टैंक कैपेसिटी रेप्यूटेड PSUs और ऑयल कंपनियों द्वारा कॉन्ट्रैक्टेड की जाती है। ‘टेक-और-पे’ कॉन्ट्रैक्ट के तहत IOTL की कैपेसिटी के लगभग 80% के साथ कंपनी के भविष्य के फ्यूचर कैश फ्लो पर अच्छी नजर है। FY22 में IOTL का रेवेन्यू 526 करोड़ और EBITDA 357 करोड़ रुपए था।

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