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केरल में फिर सामने आया खतरनाक Amoebic Encephalitis का मामला, 43 साल की महिला संक्रमित

केरल में दिमागी बुखार का खौफ: अमीबिक एन्सेफलाइटिस के नए मामले, 10 मरीज उपचाराधीन!-केरल में अमीबिक एन्सेफलाइटिस का एक और मामला सामने आया है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। यह एक दुर्लभ लेकिन जानलेवा दिमागी संक्रमण है, जो खास तरह के अमीबा से फैलता है। हाल ही में उत्तरी केरल के एक जिले में 43 वर्षीय महिला इस संक्रमण की चपेट में आई है, जिसकी पुष्टि होने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर् हो गया है। यह संक्रमण दूषित पानी के जरिए फैलता है और दिमाग पर सीधा असर करता है, जिससे स्थिति गंभीर हो सकती है।

फिलहाल 10 मरीजों का इलाज जारी, बच्चों पर भी खतरा-कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में इस समय अमीबिक एन्सेफलाइटिस से पीड़ित कुल 10 मरीज भर्ती हैं, जिनमें हाल ही में संक्रमित हुई महिला भी शामिल है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन 10 मरीजों में 4 बच्चे भी शामिल हैं। यह बीमारी बहुत तेजी से फैलती है और अगर इसका समय पर इलाज न मिले तो जान का खतरा काफी बढ़ जाता है। डॉक्टरों की टीम इन सभी मरीजों की लगातार निगरानी कर रही है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है कि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके और मरीजों की जान बचाई जा सके।

9 साल की बच्ची की मौत ने बढ़ाई दहशत-कुछ समय पहले ही कोझिकोड जिले में 9 साल की एक बच्ची की इसी बीमारी के कारण मौत हो गई थी। यह घटना बहुत ही दुखद थी और इसने स्थानीय लोगों को गहरा सदमा पहुंचाया है, क्योंकि यह बीमारी वैसे तो बहुत कम देखने को मिलती है। मरने वाली बच्ची के दो रिश्तेदार भी इस समय मेडिकल कॉलेज में इलाज करवा रहे हैं। इस तरह के मामलों के बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की चिंताएं बढ़ गई हैं और वे अब और भी ज्यादा सतर्क हो गए हैं ताकि किसी भी नए मरीज का तुरंत पता लगाकर इलाज शुरू किया जा सके।

संक्रमण तीन जिलों तक फैला, बरतें खास सावधानी-अब तक जितने भी मामले सामने आए हैं, वे कोझिकोड, वायनाड और मलप्पुरम जिलों से हैं। इसका मतलब है कि यह संक्रमण सिर्फ एक जगह तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आस-पास के इलाकों में भी फैल रहा है। इसलिए, लोगों से अपील की जा रही है कि वे साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें और खासकर तालाबों, नदियों या किसी भी खुले पानी के स्रोत के संपर्क में आने से बचें। यदि किसी को तेज बुखार, सिरदर्द या उल्टी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

नाएगलेरिया फाउलेरी: कैसे फैलता है यह जानलेवा संक्रमण?-अमीबिक एन्सेफलाइटिस, जिसे ‘नाएगलेरिया फाउलेरी’ नामक अमीबा फैलाता है, एक बहुत ही खतरनाक दिमागी संक्रमण है। यह अमीबा आमतौर पर झीलों, नदियों और गर्म पानी के स्रोतों में पाया जाता है। जब कोई व्यक्ति ऐसे दूषित पानी के संपर्क में आता है और वह पानी नाक के जरिए दिमाग तक पहुंच जाता है, तो यह अमीबा दिमाग में संक्रमण फैलाना शुरू कर देता है। इसके शुरुआती लक्षणों में अचानक तेज बुखार, भयंकर सिरदर्द, उल्टी और कभी-कभी दौरे पड़ना शामिल हैं। इसलिए, इसे जल्दी पहचानना बहुत जरूरी है।

बचाव के उपाय: अपनी सुरक्षा खुद करें-स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने का आग्रह किया है। विशेषज्ञों का सुझाव है कि अनावश्यक रूप से झीलों या तालाबों के पानी में न जाएं, खासकर बच्चों को ऐसे पानी से दूर रखें। यदि नहाते या खेलते समय किसी के नाक, आंख या कान में पानी चला जाए और बाद में तेज सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण दिखें, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर सही इलाज मिलने से इस गंभीर संक्रमण से बचा जा सकता है। प्रशासन प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी रख रहा है।

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