Chhattisgarh

बिरनपुर कांड पर CBI चार्जशीट: राजनीति से जुड़ा नहीं था हत्याकांड, सामने आई सच्चाई

बिरनपुर कांड: CBI की चार्जशीट में चौंकाने वाले खुलासे!

बिरनपुर कांड, जिसने पूरे देश का ध्यान खींचा था, अब एक नए मोड़ पर आ गया है। CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने इस मामले में अपनी चार्जशीट अदालत में पेश कर दी है, जिससे कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आइए, इस मामले की गहराई में उतरते हैं और जानते हैं कि अब क्या होने वाला है।

राजनीतिक साजिश नहीं, हकीकत कुछ और!

CBI की चार्जशीट में सबसे महत्वपूर्ण बात यह कही गई है कि यह हत्याकांड किसी राजनीतिक साजिश का हिस्सा नहीं था। इसका मतलब है कि इस मामले को जिस तरह से राजनीतिक रंग दिया जा रहा था, वह शायद सच नहीं है। चार्जशीट में अंजोर यदु का कोई जिक्र नहीं है, जबकि विधायक ईश्वर साहू लगातार उनका नाम ले रहे थे। इससे मामले की सच्चाई पर सवालिया निशान लग गया है और यह भी पता चलता है कि राजनीतिक दांव-पेंच कितने गहरे हो सकते हैं।

कांग्रेस का आरोप: BJP ने फैलाई झूठ की राजनीति!

CBI की चार्जशीट सामने आने के बाद, कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि BJP ने झूठ फैलाकर कांग्रेस की छवि को खराब करने की कोशिश की और समाज को जाति और धर्म के नाम पर बांटने की साजिश रची। उपाध्याय ने इसे बेहद खतरनाक राजनीति बताया है। उनका यह भी आरोप है कि तत्कालीन विधायक रवींद्र चौबे को झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की गई थी।

बिरनपुर कांड: आखिर हुआ क्या था?

बिरनपुर कांड 8 अप्रैल 2023 को हुआ था, जब दो गुटों के बीच हुए झगड़े में भुनेश्वर साहू की हत्या कर दी गई थी। बताया जाता है कि विवाद बच्चों की आपसी लड़ाई से शुरू हुआ था, लेकिन देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि गांव में आगजनी तक हो गई। इसके दो दिन बाद रहीम और उसके बेटे ईदुल मोहम्मद की भी हत्या कर दी गई। हालात इतने खराब हो गए कि गांव में धारा 144 और कर्फ्यू तक लगाना पड़ा। इस दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया और यह मामला राज्य की राजनीति में एक बड़ी बहस का कारण बन गया।

CBI जांच की शुरुआत कैसे हुई?

इस घटना के बाद, विधानसभा में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि जिन लोगों के खिलाफ सबूत हैं, वे जेल में हैं और जिनके खिलाफ नहीं हैं, उनकी जांच जारी है। लेकिन जब ईश्वर साहू ने न्याय की मांग दोहराई, तो गृहमंत्री ने उनके दर्द को समझते हुए मामले की CBI जांच की घोषणा की। 27 अप्रैल 2024 को CBI की टीम पहली बार बिरनपुर पहुंची और पूरे मामले की गहराई से जांच शुरू की। टीम ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस से जानकारी जुटाई और नए सिरे से घटना की सभी परतों को खंगाला।

अब देखना यह है कि अदालत इस मामले में क्या फैसला सुनाती है और आगे क्या होता है। इस घटना ने समाज और राजनीति दोनों पर गहरा असर डाला है।

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