रायपुर में टैक्स वसूली का बड़ा अभियान: 400 करोड़ का लक्ष्य, स्कूलों और बिजली कंपनी पर सख्ती

रायपुर नगर निगम का बड़ा लक्ष्य: 2026 में 400 करोड़ टैक्स वसूली-रायपुर नगर निगम ने वर्ष 2026 के लिए टैक्स वसूली का बड़ा लक्ष्य रखा है। निगम आयुक्त विश्वदीप ने साफ कहा है कि अगले साल 400 करोड़ रुपये टैक्स के रूप में वसूलने होंगे। अभी तक 100 करोड़ रुपये वसूली हो चुकी है और मार्च तक बाकी 300 करोड़ की वसूली के लिए कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
बड़े बकायादारों पर सख्त नजर, डिमांड नोटिस जारी-नगर निगम ने टैक्स वसूली के लिए खास तौर पर बड़े बकायादारों पर ध्यान केंद्रित किया है। निजी स्कूलों और सरकारी संस्थानों को डिमांड नोटिस भेजे जा रहे हैं। पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड के लिटिल फ्लावर स्कूल को भी अंतिम नोटिस दिया गया है, जिसमें एक सप्ताह के अंदर टैक्स जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।
लिटिल फ्लावर स्कूल पर 2 करोड़ से ज्यादा टैक्स बकाया-डीडीनगर क्षेत्र के लिटिल फ्लावर स्कूल पर 2016-17 से अब तक 2 करोड़ 1 लाख 19 हजार रुपये से अधिक प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। कई बार नोटिस देने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ। अगर अंतिम नोटिस के बाद भी टैक्स नहीं जमा किया गया, तो निगम सख्त कार्रवाई कर सकता है।
RTE के तहत टैक्स में 50% छूट का मौका-जोन-5 के सहायक राजस्व अधिकारी प्रमोद जाधव ने बताया कि इस क्षेत्र के करीब 10 निजी स्कूलों पर टैक्स बकाया है। जो स्कूल RTE कानून के तहत गरीब बच्चों को तय संख्या में प्रवेश देते हैं, उन्हें प्रॉपर्टी टैक्स में 50 प्रतिशत की छूट मिलेगी। लिटिल फ्लावर स्कूल का टैक्स GIS सिस्टम से तय किया गया है।
बिजली कंपनी को भी 1.11 करोड़ का डिमांड नोटिस-नगर निगम ने छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) को भी टैक्स न चुकाने पर शिकंजा कसा है। जोन-5 के तीन सबस्टेशन का टैक्स जमा नहीं होने पर कंपनी को 1 करोड़ 11 लाख रुपये का नोटिस भेजा गया है। निगम का कहना है कि सरकारी संस्थान होने के बावजूद टैक्स देना जरूरी है।
ब्याज माफी को लेकर निगम और बिजली कंपनी में विवाद-प्रॉपर्टी टैक्स में लगने वाले ब्याज को माफ करने को लेकर निगम और विद्युत वितरण कंपनी के बीच विवाद चल रहा है। निगम का तर्क है कि अगर निगम बिजली बिल देर से भरता है, तो कंपनी अधिभार लगाती है, इसलिए टैक्स में देरी पर लगने वाला ब्याज माफ नहीं किया जाना चाहिए।
12A पंजीकृत स्कूलों को पूरी छूट पर सवाल-सहायक राजस्व अधिकारी जाधव ने बताया कि आयकर अधिनियम की धारा 12A में पंजीकृत शैक्षणिक संस्थाओं को फिलहाल प्रॉपर्टी टैक्स में पूरी छूट मिल रही है। इसका फायदा बड़े निजी स्कूल उठा रहे हैं, जो टैक्स नहीं देते लेकिन फीस हर साल करीब 8 प्रतिशत तक बढ़ाते हैं।
छह में से तीन सबस्टेशन का ही टैक्स जमा-जोन-5 क्षेत्र में कुल छह सबस्टेशन हैं, जिनमें से केवल तीन का टैक्स जमा हो रहा है। डीडीनगर सबस्टेशन पर 2000 से 1 करोड़ 11 लाख रुपये, ईदगाहभाठा पर 2009-10 से 27 लाख 90 हजार और भाठागांव वालफोर्ट के पीछे के सबस्टेशन पर 2004-05 से 14 लाख 50 हजार रुपये टैक्स बकाया है।



