तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले स्टालिन का बड़ा फैसला: 1.31 करोड़ महिलाओं के खाते में 5,000 रुपये ट्रांसफर

कैश ट्रांसफर का चुनावी संदेश और योजना का विस्तार-तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने 1.31 करोड़ महिलाओं के खातों में 5,000 रुपये ट्रांसफर कर राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह राशि ‘कलाईग्नार मगलिर उरीमाई थोगाई’ योजना के तहत दी गई है, जिसमें 3,000 रुपये अग्रिम भुगतान और 2,000 रुपये समर स्पेशल पैकेज के रूप में शामिल हैं। यह कदम चुनाव से पहले महिलाओं को सीधे फायदा पहुंचाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
तमिलनाडु में महिला वोटर की अहमियत-तमिलनाडु की राजनीति में महिलाओं का वोट हमेशा निर्णायक रहा है। यहां महिलाओं की मतदान दर पुरुषों के बराबर या उससे ज्यादा होती है। 2021 के चुनाव में महिलाओं की भागीदारी 72.5 प्रतिशत से ऊपर रही। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिना महिला वोटरों के समर्थन के कोई भी पार्टी सत्ता तक नहीं पहुंच सकती, क्योंकि उनका प्रभाव चुनावी नतीजों पर सीधा पड़ता है।
MGR से जयललिता तक महिला वोट बैंक की मजबूती-पूर्व मुख्यमंत्री एम.जी. रामचंद्रन ने महिलाओं को संगठित वोट बैंक बनाने की नींव रखी थी। उनकी मिड-डे मील योजना ने खासकर माताओं के बीच भरोसा बनाया। इसके बाद जयललिता ने ‘अम्मा’ के रूप में खुद को स्थापित किया और महिलाओं को सीधे लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं से उनका समर्थन हासिल किया। 2011 और 2016 में महिलाओं का भारी समर्थन उनकी सत्ता वापसी का कारण बना।
स्टालिन का ‘द्रविड़ मॉडल 2.0’ और महिला-केंद्रित योजनाएं-जयललिता के बाद सत्ता में आए स्टालिन ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू कीं, जैसे सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा। ‘कलाईग्नार मगलिर उरीमाई’ योजना के तहत गृहणियों के खाते में सीधे पैसा भेजा गया। अब 5,000 रुपये का एडवांस ट्रांसफर इसी रणनीति का विस्तार है, जो चुनाव से पहले सरकार का मजबूत संदेश है कि वह महिलाओं के साथ खड़ी है।
विपक्ष की तैयारी और डीएमके का जवाब-भाजपा और एआईएडीएमके भी महिला वोटरों को लुभाने के लिए नई योजनाएं लेकर आ रहे हैं। एआईएडीएमके ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाने का वादा किया है, जबकि अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी भी सक्रिय है। ऐसे में चुनावी मुकाबला और भी दिलचस्प होता जा रहा है, जहां हर पार्टी महिला वोट बैंक पर फोकस कर रही है।
कैश ट्रांसफर से चुनावी नतीजे बदलेंगे?-तमिलनाडु की 234 सीटों में से करीब 60-70 सीटें ऐसी हैं जहां महिला वोटर निर्णायक भूमिका निभाती हैं। 1.31 करोड़ महिलाओं को सीधे फायदा पहुंचाने वाली यह योजना 20-30 सीटों के समीकरण को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि पैसा वोट की गारंटी नहीं, लेकिन भरोसे और भावनात्मक जुड़ाव का आधार जरूर बनता है।
2026 का चुनाव: कौन देगा ज्यादा?-तमिलनाडु की राजनीति में फ्रीबीज नई बात नहीं है। टीवी, मिक्सर-ग्राइंडर से लेकर डायरेक्ट कैश ट्रांसफर तक, हर दौर में योजनाएं चुनावी मुद्दा रही हैं। फर्क इतना है कि अब पैसा सीधे बैंक खातों में जा रहा है, जिससे पारदर्शिता का दावा किया जा रहा है। स्टालिन ने 5,000 रुपये का दांव चलाकर अपनी रणनीति साफ कर दी है, अब देखना होगा कि महिलाएं इसे राहत मानेंगी या सत्ता की चाबी।
यह लेख तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 से पहले मुख्यमंत्री स्टालिन की महिला-केंद्रित योजना और उसके चुनावी असर को समझने में आपकी मदद करेगा। महिलाओं के वोट बैंक की ताकत और राजनीतिक रणनीतियों की यह कहानी चुनावी माहौल को बेहतर तरीके से समझने में सहायक है।



