बोर्ड परीक्षा के दौरान लाउडस्पीकर पर पूरी रोक: छात्रों के लिए प्रशासन का अहम फैसला

बोर्ड परीक्षा का समय हर छात्र के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण दौर होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एक बड़ा और जरूरी कदम उठाया है। छात्रों को पढ़ाई के लिए शांत माहौल देने और उनकी तैयारी में कोई रुकावट न आए, इसके लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों यानी लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह फैसला छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए लिया गया है।
पढ़ाई में बाधा न आए, इसलिए कलेक्टर ने जारी किया सख्त आदेश-गरियाबंद कलेक्टर भगवान सिंह उईके ने 20 फरवरी से 29 अप्रैल तक जिले में लाउडस्पीकर के उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया है। यह कदम छत्तीसगढ़ कोलाहल नियंत्रण अधिनियम 1985 की धारा 18 के तहत लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि तेज आवाज से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, इसलिए यह प्रतिबंध जरूरी था। हालांकि, किसी विशेष परिस्थिति या सरकारी काम के लिए एसडीएम से अनुमति लेकर लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा सकता है।
शादी-ब्याह के सीजन में पुलिस की सख्ती और लोगों से सहयोग की अपील- शादी और सामाजिक कार्यक्रमों के इस व्यस्त सीजन में लाउडस्पीकर पर रोक लगाना पुलिस के लिए चुनौती भरा काम है। बावजूद इसके, पुलिस प्रशासन पूरी सतर्कता से नियम लागू कर रहा है। देवभोग थाना प्रभारी फैजुल शाह हुदा ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का सम्मान करें और प्रशासन का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए यह प्रतिबंध जरूरी है, इसलिए सभी को स्वेच्छा से इसका पालन करना चाहिए।
जिले में 13 हजार से ज्यादा छात्र बोर्ड परीक्षा की तैयारी में लगे-शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में इस बार 13,311 छात्र 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। कक्षा 12वीं में 5,507 और कक्षा 10वीं में 7,804 छात्र पंजीकृत हैं। इसके अलावा करीब 2,000 कॉलेज छात्र भी परीक्षा की तैयारी में जुटे हैं। इतने बड़े स्तर पर छात्रों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शांत माहौल बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
बोर्ड परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से शुरू, प्रशासन पूरी तरह सतर्क-जिले में कक्षा 12वीं की बोर्ड परीक्षा की शुरुआत पूरी तरह व्यवस्थित और शांतिपूर्ण माहौल में हुई। पहले दिन भौतिकी और भूगोल की परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। इस साल जिले में 10वीं के 7,408 और 12वीं के 5,507 छात्र परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। प्रशासन ने सभी परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्षों और पर्यवेक्षकों को बोर्ड के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, उड़नदस्ता टीमों का गठन कर समय-समय पर निरीक्षण किया जा रहा है ताकि परीक्षा पूरी पारदर्शिता और शांति के साथ संपन्न हो।
छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम-यह फैसला छात्रों के हित में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है। परीक्षा के दौरान शांत माहौल छात्रों को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद करता है। इसलिए समाज के हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनती है कि वह नियमों का पालन करे और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य में अपना योगदान दे। प्रशासन की यह पहल छात्रों की पढ़ाई को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाने का प्रयास है।
यह लेख बोर्ड परीक्षा के दौरान लाउडस्पीकर प्रतिबंध के पीछे के कारणों और प्रशासन की तैयारियों को सरल और सहज भाषा में समझाता है, जिससे हर पाठक इसे आसानी से समझ सके और इसका महत्व जान सके।



