US टैरिफ पर बड़ा फैसला: ट्रंप को झटका, अब भारतीय सामान पर सिर्फ 10% अतिरिक्त शुल्क, जानिए पूरा असर

अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत, टैरिफ घटाकर 10% किया गया-अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले और नए सरकारी आदेश के बाद भारतीय निर्यातकों के लिए राहत की खबर आई है। पहले जहां भारतीय सामान पर भारी टैरिफ लगाया गया था, अब उसे घटाकर अस्थायी तौर पर केवल 10 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे व्यापार पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के वैश्विक टैरिफ को अवैध करार दिया-US Supreme Court ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ अवैध हैं। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि ट्रंप ने अपने अधिकारों से आगे बढ़कर कई देशों पर टैरिफ लगाया, जो कानून के दायरे में नहीं आता।
अमेरिका ने 24 फरवरी से 150 दिनों के लिए लगाया 10% अस्थायी आयात शुल्क–अमेरिका ने 24 फरवरी 2026 से 150 दिनों के लिए सभी आयातित सामान पर 10 प्रतिशत अस्थायी आयात शुल्क लागू किया है। इसका मतलब है कि भारतीय सामान पर भी अब केवल 10 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगेगा, जो पहले के मुकाबले काफी कम है।
पहले भारत पर कुल 50% तक टैरिफ था, अब घटकर 10% हुआ-अगस्त में अमेरिका ने भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक टैरिफ लगाया था। इसके बाद रूस से कच्चा तेल खरीदने के कारण अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क जोड़ा गया, जिससे कुल टैरिफ 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था। अब बातचीत के बाद यह घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
निर्यातकों को राहत, लेकिन MFN ड्यूटी के ऊपर लगेगा अतिरिक्त शुल्क-Federation of Indian Export Organisations के महानिदेशक अजय सहाय के अनुसार यह 10 प्रतिशत शुल्क मौजूदा आयात शुल्क के ऊपर लगेगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी उत्पाद पर पहले 5 प्रतिशत ड्यूटी थी, तो अब कुल शुल्क 15 प्रतिशत होगा, जो पहले 30 प्रतिशत तक था।
भारत के 40% सामान को मिली छूट, लेकिन स्टील और ऑटो सेक्टर पर टैरिफ जारी-Global Trade Research Initiative के मुताबिक यह टैरिफ भारतीय निर्यात के केवल 55 प्रतिशत हिस्से पर लागू होगा। करीब 40 प्रतिशत सामान को छूट मिली है। हालांकि स्टील, एल्युमिनियम और कुछ ऑटो पार्ट्स पर 25 से 50 प्रतिशत टैरिफ पहले की तरह जारी रहेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जारी, ट्रंप ने कहा—डील में कोई बदलाव नहीं-राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ व्यापार समझौता जारी रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है। इससे पहले दोनों देशों ने एक अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी, जिसमें टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने और ऊर्जा व्यापार पर सहमति बनी थी।
अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार, 186 अरब डॉलर पहुंचा व्यापार-2021 से 2025 के बीच अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा। भारत के कुल निर्यात का लगभग 18 प्रतिशत अमेरिका को जाता है। 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 186 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें निर्यात और आयात दोनों शामिल हैं।
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से भारतीय निर्यातकों को बड़ी राहत मिली है और व्यापारिक माहौल में सुधार की उम्मीद बढ़ी है। आने वाले समय में यह कदम भारत-अमेरिका के आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेगा।



