Google Analytics Meta Pixel
Madhya Pradesh

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सरकार जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध: राज्य मंत्री पटेल

भोपाल :  राज्य मंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि समृद्धि, किसानों की आय में वृद्धि के साथ पर्यावरण अनुकूल एवं स्वास्थ्य परक कृषि विकास को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जैविक और प्राकृतिक खेती न केवल किसानों की लागत कम करती है, बल्कि भूमि की उर्वरता बनाए रखते हुए सुरक्षित एवं पौष्टिक खाद्यान्न उत्पादन सुनिश्चित करती है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाते हुए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ खेती करें। राज्य मंत्री श्री पटेल आईसीएआर–भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान गोगामुख, असम में जैविक एवं प्राकृतिक खेती द्वारा सतत आजीविका” विषय पर आयोजित किसान मेला में शामिल हुए। मेले में विभिन्न क्षेत्रों से आए 1,500 से अधिक पंजीकृत किसानों ने भाग लिया।

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान गोगामुख असम के निदेशक डॉ. श्रीनिवास राव ने संस्थान द्वारा विकसित नवीन कृषि तकनीकों, अनुसंधान उपलब्धियों एवं किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिकों और किसानों के बीच निरंतर संवाद ही कृषि क्षेत्र की वास्तविक प्रगति का आधार है। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि संस्थान भविष्य में भी प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और तकनीकी सहयोग प्रदान करता रहेगा। कार्यक्रम के अंतर्गत तकनीकी सत्रों एवं संवादात्मक कार्यशालाओं का आयोजन किया गया, जिसमें वैज्ञानिकों एवं कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को जैविक प्रमाणन प्रक्रिया, फसल विविधीकरण, प्राकृतिक खेती के सिद्धांत, एकीकृत पोषण प्रबंधन तथा बाजार संपर्क से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इन सत्रों ने किसानों को व्यवहारिक ज्ञान एवं नवाचार अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती की उन्नत तकनीकों, आधुनिक कृषि उपकरणों तथा सतत कृषि प्रणालियों की जानकारी प्रदान करना था। मेले में आयोजित प्रदर्शनी में नवाचार आधारित जैविक खेती के मॉडल, उन्नत बीज किस्में, प्राकृतिक कीट नियंत्रण तकनीक, जैव उर्वरक, कम्पोस्ट निर्माण, तथा जल एवं मृदा संरक्षण से संबंधित तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। किसानों ने इन प्रदर्शनों में गहरी रुचि दिखाई और विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button