अमेरिकी डॉलर पर दिखेगा ट्रंप का साइन! 100 साल पुरानी परंपरा बदलने की तैयारी

अमेरिका का बड़ा फैसला: ट्रंप के हस्ताक्षर होंगे डॉलर नोटों पर, इतिहास में पहली बार-अमेरिका ने एक ऐसा फैसला लिया है जो इतिहास में पहली बार होगा। इस साल के अंत तक अमेरिकी डॉलर के नोटों पर मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्ताक्षर दिखेंगे। यह कदम न केवल एक नई परंपरा की शुरुआत है, बल्कि अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ को खास बनाने का भी हिस्सा है।
पहली बार करेंसी पर दिखेगा मौजूदा राष्ट्रपति का नाम-अमेरिकी करेंसी पर अब तक कभी किसी मौजूदा राष्ट्रपति का नाम या हस्ताक्षर नहीं दिखा। यह परंपरा अब टूटने जा रही है। ट्रंप के हस्ताक्षर नोटों पर आने से अमेरिका में इस बदलाव को लेकर काफी चर्चा हो रही है और इसे ऐतिहासिक माना जा रहा है।
250वीं वर्षगांठ के जश्न में शामिल यह बदलाव-अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बताया है कि यह बदलाव देश की 250वीं वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए किया जा रहा है। इस खास मौके पर कई बड़े फैसले लिए जा रहे हैं, जिनमें करेंसी के डिजाइन में यह बदलाव भी शामिल है ताकि यह साल इतिहास में खास जगह बना सके।
165 साल पुरानी परंपरा में बड़ा बदलाव-1861 से अमेरिकी नोटों के डिजाइन का अधिकार ट्रेजरी सचिव के पास था। 1914 से नोटों पर सिर्फ ट्रेजरी सचिव और कोषाध्यक्ष के हस्ताक्षर होते आए हैं। लेकिन अब कोषाध्यक्ष की जगह ट्रंप के हस्ताक्षर होंगे, जो इस लंबे समय से चली आ रही परंपरा में बड़ा बदलाव है।
क्या सभी नोटों पर होगा यह बदलाव?-अभी यह साफ नहीं है कि ट्रंप के हस्ताक्षर सभी नोटों पर होंगे या सिर्फ कुछ खास मूल्यवर्ग के नोटों तक सीमित रहेंगे। साथ ही यह भी स्पष्ट नहीं कि यह नया डिजाइन कितने समय तक जारी रहेगा। इस पर अभी कई सवाल बने हुए हैं।
ट्रंप पहले भी छोड़ चुके हैं अपनी छाप-यह पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी हो। महामारी के दौरान भेजे गए सहायता चेक पर उनका नाम छपा था। इसके अलावा उनके चेहरे वाले सिक्के और संस्थानों के नाम बदलने के प्रस्ताव भी सामने आ चुके हैं।
फैसले पर शुरू हुई बहस-इस फैसले के बाद अमेरिका में बहस तेज हो गई है। कई विशेषज्ञ इसे असामान्य कदम मानते हैं क्योंकि यह परंपरा से हटकर है। हालांकि इसे गैर-कानूनी नहीं कहा जा रहा, लेकिन यह एक बड़ा बदलाव जरूर है जो परंपरा को तोड़ता है।
भविष्य में कलेक्टर्स के लिए खास बन सकते हैं नोट-विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे नोट भविष्य में कलेक्टर्स के लिए बहुत खास और कीमती हो सकते हैं। क्योंकि यह बदलाव इतिहास में एक अलग पहचान बनाएगा और लोग इसे दुर्लभ वस्तु के रूप में देखेंगे, जो इसकी कीमत और महत्व दोनों बढ़ाएगा।
यह फैसला न केवल अमेरिकी इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ रहा है, बल्कि आने वाले समय में इसकी चर्चा और महत्व और बढ़ने की पूरी संभावना है।



