अखिलेश यादव के परिवार में शोक, सौतेले भाई प्रतीक यादव का निधन

अखिलेश यादव के परिवार में शोक: सौतेले भाई प्रतीक यादव का निधन
SP परिवार में मातम: मुलायम सिंह यादव के बेटे प्रतीक यादव का निधन, अखिलेश यादव ने जताया गहरा दुख- अखिलेश यादव के परिवार में बुधवार सुबह एक दुखद खबर आई है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख के सौतेले भाई प्रतीक यादव का निधन हो गया। उनकी अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर से राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
अस्पताल पहुंचे अखिलेश यादव, सोशल मीडिया पर जताया दुख-भाई के निधन की खबर मिलते ही अखिलेश यादव तुरंत अस्पताल पहुंचे। पहले सिविल अस्पताल गए और फिर King George’s Medical University में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया में शामिल हुए। अस्पताल के बाहर उन्होंने मीडिया से बात नहीं की, लेकिन बाद में सोशल मीडिया पर उन्होंने भावुक पोस्ट शेयर कर प्रतीक यादव को श्रद्धांजलि दी। समाजवादी पार्टी के नेता और समर्थक भी दुख जताने लगे।
प्रतीक यादव की अचानक तबीयत बिगड़ी-38 साल के प्रतीक यादव की अचानक तबीयत खराब हुई थी। बुधवार तड़के उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्या हुई, जिसके बाद परिवार के लोग उन्हें तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। करीब 10 दिन पहले भी उनकी तबीयत खराब होने पर अखिलेश यादव मेदांता अस्पताल में उनसे मिलने गए थे।
राजनीति से दूर थे प्रतीक यादव-यादव परिवार की राजनीतिक पहचान के बावजूद प्रतीक यादव सक्रिय राजनीति से दूर रहे। उन्हें फिटनेस और स्वास्थ्य से जुड़ी चीजों में ज्यादा रुचि थी। सोशल मीडिया पर वे फिटनेस प्रेमी के रूप में जाने जाते थे। सार्वजनिक मंचों और राजनीतिक कार्यक्रमों में उनकी उपस्थिति कम ही देखी जाती थी। उनकी पत्नी अपर्णा यादव भाजपा से जुड़ी हैं और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं।
मुलायम सिंह यादव के बेटे थे प्रतीक यादव-प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के बेटे थे। वे मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के पुत्र थे। यादव परिवार उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से प्रभावशाली रहा है। प्रतीक यादव के निधन से परिवार और पार्टी कार्यकर्ताओं में गहरा शोक व्याप्त है। अंतिम संस्कार की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है, लेकिन लखनऊ में समर्थकों और परिचितों का आना शुरू हो गया है।



