MP राज्यसभा चुनाव: तीसरी सीट पर BJP का बड़ा दांव, कांग्रेस में हलचल

राज्यसभा की तीसरी सीट पर सियासी जंग तेज, BJP के दावे से बढ़ी कांग्रेस की चिंता-मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव का सियासी माहौल काफी गर्म हो गया है। खासकर तीसरी सीट पर भाजपा के उम्मीदवार उतारने के बाद दोनों पार्टियों के बीच टकराव बढ़ गया है। कांग्रेस विधायकों को एकजुट करने में लगी है, वहीं भाजपा का दावा है कि उनके पास जीत के लिए पर्याप्त वोट हैं। बयानबाजी तेज होने से चुनाव अब और भी दिलचस्प हो गया है।
तीसरी सीट पर BJP का रणनीतिक दांव-भाजपा नेताओं का कहना है कि तीसरी सीट पर उम्मीदवार उतारना पूरी तरह से सोचा-समझा कदम है। पार्टी के पास अतिरिक्त वोट हैं, इसलिए यह फैसला लिया गया। राज्यसभा में अपनी ताकत बढ़ाने के लिए यह चुनाव बेहद जरूरी है। भाजपा विकास की राजनीति को आगे बढ़ाने के लिए मजबूत उपस्थिति चाहती है और पूरी तैयारी के साथ मैदान में है।
कैलाश विजयवर्गीय का साफ संदेश-कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि चुनाव लड़ना हर पार्टी का अधिकार है और भाजपा इसका इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी के पास अतिरिक्त वोट हैं, इसलिए तीसरा उम्मीदवार उतारा गया है। विजयवर्गीय ने कहा कि जनता विकास चाहती है और राज्यसभा में भाजपा की बढ़ती संख्या प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को मजबूत करेगी।
कांग्रेस विधायकों की शिफ्टिंग पर BJP का तंज-भाजपा ने कांग्रेस के विधायकों की कथित शिफ्टिंग और अस्थिरता पर निशाना साधा है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जिनको अपने विधायकों पर भरोसा नहीं होता, वे उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाते हैं। भाजपा को अपने विधायकों पर पूरा भरोसा है और वे संगठन के साथ मजबूती से खड़े हैं। भाजपा नेताओं का कहना है कि उन्हें कोई चिंता नहीं है।
कांग्रेस की अंदरूनी खामियों पर BJP का हमला-भाजपा विधायक आशीष शर्मा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वे हमेशा दूसरों पर दोष मढ़ते हैं लेकिन अपनी पार्टी की समस्याओं को नहीं देखते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में कई स्तरों पर असंतोष और अंतर्कलह है। भाजपा पूरी ताकत से चुनाव जीतने को तैयार है और इस बार भी अपने लक्ष्य को हासिल करेगी।
महेश केवट की जीत का दावा, कांग्रेस पर कटाक्ष-भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने धार्मिक संदर्भ देते हुए कहा कि जैसे त्रेतायुग में केवट ने भगवान राम की नैया पार लगाई थी, वैसे ही इस चुनाव में महेश केवट जीतेंगे। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी विधायक पूरी ताकत से चुनाव लड़ रहे हैं और पार्टी अपने उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने के लिए पूरी तरह तैयार है।
तीसरी सीट बनी मध्यप्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा-तीसरी राज्यसभा सीट अब मध्यप्रदेश की राजनीति का सबसे बड़ा विषय बन चुकी है। भाजपा जीत को लेकर आत्मविश्वास से भरी है, जबकि कांग्रेस समीकरण साधने में लगी है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि यह चुनाव सिर्फ एक सीट का नहीं, बल्कि दोनों दलों की ताकत और संगठन की परीक्षा है। आने वाले दिनों में सियासी संघर्ष और बढ़ेगा।



