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मध्यप्रदेश में UCC की तैयारी तेज, सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी, अब बनेगा कानून का ड्राफ्ट

 

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में बढ़े कदम-उत्तराखंड के बाद अब मध्यप्रदेश में भी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लागू करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। राज्य सरकार ने एक विशेष समिति बनाई है, जिसे जनता और विभिन्न सामाजिक वर्गों से सुझाव लेने की जिम्मेदारी दी गई थी। तय समय सीमा पूरी हो चुकी है और अब सरकार इन सुझावों के आधार पर आगे बढ़ेगी। सरकार का मानना है कि किसी भी बड़े कानून को लागू करने से पहले समाज के हर वर्ग की राय जानना जरूरी है, ताकि सभी की बातों को ध्यान में रखकर बेहतर व्यवस्था बनाई जा सके।

सुझावों की अवधि खत्म, अब समिति करेगी गहन समीक्षा-सरकार ने UCC को लेकर 15 दिनों तक जनता से सुझाव मांगे थे। इस दौरान कई सामाजिक समूहों, संगठनों और नागरिकों ने अपनी राय समिति तक पहुंचाई। अब सुझाव लेने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और नए सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। समिति को मिले सभी सुझावों और दिशा-निर्देशों का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा। वे देखेंगे कि किन बिंदुओं को प्रस्तावित कानून में शामिल किया जा सकता है ताकि कानून समाज के लिए संतुलित और न्यायसंगत हो।

नौ अहम बिंदुओं के आधार पर तैयार होगा मसौदा-यूनिफॉर्म सिविल कोड का मसौदा तैयार करने के लिए समिति को 60 दिन का समय दिया गया है। बताया जा रहा है कि यह ड्राफ्ट नौ महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आधारित होगा। समिति कानूनी, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का गहराई से अध्ययन करेगी और अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। कोशिश यही रहेगी कि मसौदा संविधान के अनुरूप हो और समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरतों को पूरा करे, ताकि सभी के लिए समान और न्यायसंगत नियम बन सकें।

अगस्त में विधानसभा में पेश हो सकता है UCC का प्रस्ताव-सूत्रों के अनुसार, समिति द्वारा ड्राफ्ट तैयार कर सरकार को सौंपने के बाद इसे अगस्त 2026 में कैबिनेट के सामने रखा जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद इसे विधानसभा में पेश किया जाएगा। माना जा रहा है कि मानसून सत्र के दौरान इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी। यदि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो मध्यप्रदेश उन राज्यों में शामिल हो सकता है जहां UCC लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं।

विवाह, तलाक और संपत्ति जैसे मामलों में समान नियम बनेंगे-UCC लागू होने के बाद विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और संपत्ति से जुड़े मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू होंगे। फिलहाल अलग-अलग समुदायों के लिए अलग-अलग कानून हैं। UCC का मकसद इन नियमों को एक समान और सरल ढांचे में लाना है। हालांकि इस विषय पर समाज और राजनीति में विभिन्न मत हैं। अब समिति की समीक्षा और अंतिम सिफारिशों पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह फैसला भविष्य की दिशा तय करेगा।

 

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