केरल में बढ़ता शिगेला संक्रमण बना चिंता का कारण, बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

केरल में शिगेला संक्रमण से एक और मौत, स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ी-केरल में शिगेला संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ गई है। हाल ही में मलप्पुरम जिले के पूक्कोट्टूर में 7 साल के बच्चे की इस संक्रमण के कारण मौत हो गई। बच्चे का इलाज कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में चल रहा था, लेकिन बचाया नहीं जा सका। इस साल अब तक शिगेला से मरने वालों की संख्या चार हो गई है। राज्य में अब तक 135 मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें सबसे ज्यादा कोझिकोड जिले से हैं। संक्रमण बढ़ने से प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है और लोगों को जागरूक करने का काम जारी है।
शिगेला संक्रमण क्या है और कैसे फैलता है?-शिगेला एक खतरनाक बैक्टीरियल संक्रमण है जो दूषित पानी और भोजन से फैलता है। यह आंतों को प्रभावित करता है और तेज दस्त, पेट दर्द, बुखार, उल्टी जैसी समस्याएं पैदा करता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों में यह ज्यादा खतरनाक होता है। संक्रमण के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है, जिससे हालत गंभीर हो जाती है। साफ-सफाई का ध्यान रखना और दूषित भोजन से बचना जरूरी है ताकि संक्रमण से बचा जा सके।
बढ़ते मामलों के बीच सरकार ने कड़े कदम उठाए-केरल सरकार ने शिगेला संक्रमण को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जल स्रोतों और सार्वजनिक पानी की टंकियों में क्लोरीनीकरण शुरू किया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने होटलों और दुकानों की जांच तेज कर दी है। मलप्पुरम और तिरुवनंतपुरम में कुछ जगहों पर शिगेला बैक्टीरिया मिलने पर दुकानों को बंद भी किया गया। लोगों को उबला हुआ पानी पीने और साफ-सुथरा भोजन खाने की सलाह दी जा रही है। हाथ धोने की आदत भी जरूरी बताई गई है।
कोझिकोड बना संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र-राज्य में सबसे ज्यादा शिगेला संक्रमण के मामले कोझिकोड जिले से सामने आए हैं। इसलिए यहां स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी बढ़ा दी है। अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि संदिग्ध मरीजों का तुरंत इलाज हो सके। मेडिकल टीमों को जरूरी संसाधन दिए गए हैं और प्रभावित इलाकों में नियमित जांच हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके।
संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां-शिगेला से बचाव के लिए साफ-सफाई सबसे जरूरी है। नियमित हाथ धोना, साफ पानी पीना और अच्छी तरह पका हुआ खाना खाना संक्रमण के खतरे को कम करता है। बाहर का अस्वच्छ खाना खाने से बचें। बच्चों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करें क्योंकि वे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। घर में पानी और भोजन को ढककर रखें। सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और लोगों से सावधानी बरतने की अपील कर रही है। जागरूकता से ही इस संक्रमण को रोका जा सकता है।



