तेलंगाना में सुरक्षा बलों की बड़ी कामयाबी, जंगल से मिला माओवादियों का हथियार और विस्फोटकों का जखीरा

खुफिया सूचना के बाद शुरू हुआ संयुक्त ऑपरेशन-तेलंगाना के मुलुगु जिले में सुरक्षा बलों ने माओवादियों के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया। खुफिया जानकारी मिली थी कि वाजेडू थाना क्षेत्र के पामुनुरु गांव के पास कराईगुट्टा पहाड़ियों के जंगल में माओवादियों ने हथियार और विस्फोटक छिपा रखे हैं। इस सूचना के बाद 39वीं बटालियन सीआरपीएफ, जिला पुलिस और बम निरोधक दस्ते ने मिलकर सुबह जल्दी जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कई घंटे की खोज के बाद करीब 8:30 बजे संदिग्ध जगह पर माओवादी डंप बरामद हुआ। पूरे इलाके को घेरकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
डंप से बरामद हुए भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक-सुरक्षा बलों ने डंप की तलाशी के दौरान दो भरमार राइफल, 25 इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, जिलेटिन स्टिक, कॉर्डेक्स वायर, इलेक्ट्रिक वायर, 12 वोल्ट की बैटरी समेत विस्फोटक बनाने वाली सामग्री जब्त की। इसके अलावा माओवादियों से जुड़ी अन्य सामग्री भी मिली। अधिकारियों का मानना है कि यह डंप किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किया जाना था। समय रहते इसे पकड़कर सुरक्षा बलों ने बड़ा खतरा टाल दिया। यह सफलता माओवादियों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
बम निरोधक दस्ते ने विस्फोटकों को मौके पर ही निष्क्रिय किया-डंप मिलने के बाद बम निरोधक दस्ते ने पूरी सावधानी से विस्फोटक सामग्री की जांच की। सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए विस्फोटकों को मौके पर ही सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया गया। पूरे इलाके को घेर लिया गया था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों ने बताया कि ऑपरेशन पूरी सतर्कता से किया गया और किसी भी जवान को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। कार्रवाई के बाद सभी सुरक्षाकर्मी सुरक्षित अपने बेस कैंप लौट आए। अब इलाके में सुरक्षा और सर्च ऑपरेशन और मजबूत किए जा रहे हैं।
माओवादियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी-सुरक्षा बलों का कहना है कि माओवादियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। खुफिया सूचनाओं के आधार पर ऐसे अभियान आगे भी चलते रहेंगे। तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जंगलों में समय-समय पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन किए जाते हैं ताकि माओवादियों के नेटवर्क को कमजोर किया जा सके। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से माओवादी गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी और आम लोगों के साथ-साथ सुरक्षा बलों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।



