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20 साल बाद बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात, मूसलाधार बारिश से शहर डूबा, स्कूल बंद और ट्रेनें रद्द

 

20 साल बाद बिलासपुर में बाढ़ जैसे हालात, बारिश ने रोका शहर का रफ्तार-छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में गुरुवार रात से हो रही मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर की रफ्तार को थाम दिया है। लगातार हो रही तेज बारिश के कारण करीब 20 साल बाद शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कों, कॉलोनियों और निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है। इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने से कई ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। शहर के कई हिस्सों से जलभराव और फंसे लोगों की तस्वीरें सामने आई हैं, जिसके बाद प्रशासन और राहत दल बचाव कार्य में जुटे हैं।

24 घंटे में रिकॉर्ड बारिश, नदियां और नाले उफान पर-मौसम विभाग के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में बिलासपुर जिले में औसतन 74.7 मिमी बारिश दर्ज की गई है। सबसे ज्यादा बारिश सीपत क्षेत्र में 110.2 मिमी रिकॉर्ड हुई, जिससे आसपास के इलाकों में हालात और खराब हो गए। लगातार बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर आ गए हैं और कई निचले इलाकों में पानी तेजी से भर गया है। सड़कों पर जलभराव के कारण आम लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

SDRF ने नावों से बचाए कई परिवार, राहत कार्य जारी-बारिश से सबसे ज्यादा परेशानी सरकंडा, चांटीडीह और आसपास के निचले इलाकों में हुई है। यहां पानी तेजी से घरों में घुस गया, जिससे SDRF की टीम को राहत और बचाव अभियान चलाना पड़ा। सरकंडा के बंधवापारा इलाके में नावों की मदद से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया। दोमुहानी क्षेत्र में 10 से ज्यादा घर पानी से घिरे हुए थे, जहां कई परिवार पूरी रात फंसे रहे। सूचना मिलते ही प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और अब तक 40 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।

बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित, ब्लैकआउट की स्थिति-भारी बारिश का असर शहर की बिजली और पानी की व्यवस्था पर भी पड़ा है। कई इलाकों में ट्रांसफॉर्मर पानी में डूब गए, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। कई कॉलोनियों में लंबे समय तक बिजली गुल रही। बिजली न होने से पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हुई और लोगों को पानी की कमी का सामना करना पड़ा। बिजली विभाग की टीमें लगातार फॉल्ट सुधारने और बिजली बहाल करने में लगी हुई हैं। प्रशासन ने कहा है कि जैसे-जैसे पानी का स्तर कम होगा, सेवाएं भी सामान्य होंगी।

कलेक्टर बंगले से लेकर हाईवे तक जलभराव, यातायात बाधित-लगातार बारिश का असर सरकारी व्यवस्थाओं पर भी दिखा। बिलासपुर कलेक्टर के सरकारी बंगले में भी पानी भर गया, जिसके बाद नगर निगम की टीम ने जल निकासी का काम शुरू किया। मशीनों की मदद से लगातार पानी निकाला जा रहा है। वहीं बिलासपुर-जांजगीर नेशनल हाईवे पर दर्रीघाट के पास जलभराव के कारण लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। अपोलो अस्पताल के पास भी कई लोग घंटों पानी में फंसे रहे। बारिश कम होने के बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य होने लगा, लेकिन प्रशासन अभी भी पूरी तरह अलर्ट है।

बारिश का असर अदालतों तक, अधिवक्ता संघ ने की विशेष मांग-बारिश और जलभराव का असर न्यायिक कामकाज पर भी पड़ा है। खराब मौसम और जलभराव के कारण कई अधिवक्ता और पक्षकार अदालत नहीं पहुंच पाए। इस स्थिति को देखते हुए जिला अधिवक्ता संघ ने मुख्य जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर शुक्रवार को अनुपस्थिति के आधार पर किसी भी मामले में प्रतिकूल आदेश न दिए जाने की मांग की। संघ ने कहा कि मौसम की असाधारण स्थिति को ध्यान में रखते हुए न्यायिक प्रक्रिया में संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने इस अनुरोध पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है।

 

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