Google Analytics Meta Pixel
Madhya Pradesh

राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में पीछे हटने की होड़? अरुण यादव ने भी ठुकराई उम्मीदवारी

मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव: कांग्रेस के बड़े चेहरे ने किया इनकार, सियासी माहौल हुआ गर्म-मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज होती जा रही है। इसी बीच कांग्रेस के एक और बड़े नेता ने चुनाव लड़ने से साफ मना कर दिया है। इस फैसले ने पार्टी के अंदर चल रही रणनीति और असमंजस को उजागर कर दिया है, वहीं विपक्ष को भी हमले का मौका मिल गया है।

अरुण यादव ने किया साफ इनकार-पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अरुण यादव ने बुरहानपुर में एक कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट कहा कि वह राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार नहीं हैं। उनके इस फैसले ने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है और कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहले भी कई बड़े नेताओं ने किया था इनकार-अरुण यादव से पहले भी दिग्गज नेता जैसे दिग्विजय सिंह सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। लगातार नेताओं के पीछे हटने से यह साफ हो रहा है कि पार्टी के अंदर किसी बड़े फैसले पर सहमति बनाना आसान नहीं हो पा रहा है।

कांग्रेस का बयान: फैसला होगा राज्य और संविधान के हित में-कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने कहा कि राज्यसभा के लिए वही उम्मीदवार चुना जाएगा जो मध्यप्रदेश और संविधान के हित में होगा। उन्होंने बताया कि दिल्ली हाईकमान में इस विषय पर चर्चा जारी है और जल्द ही अंतिम फैसला लिया जाएगा।

बीजेपी पर लगाया हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप-कुणाल चौधरी ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए- कहा कि वह हॉर्स ट्रेडिंग की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है, जहां फैसले सोच-समझकर लिए जाते हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता अपनी राय रख रहे हैं और हर स्तर पर स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

बीजेपी का पलटवार: कांग्रेस में नेतृत्व की कमी-वहीं बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि पार्टी में अब नेतृत्व की कमी साफ नजर आ रही है। उनके मुताबिक, नेता आपसी गुटबाजी और कमजोर नेतृत्व के कारण पीछे हट रहे हैं।

सियासी माहौल हुआ और गर्म-राज्यसभा चुनाव से पहले इस तरह के बयान और आरोप-प्रत्यारोप से प्रदेश का राजनीतिक माहौल और ज्यादा गर्म हो गया है। कांग्रेस अपनी रणनीति बनाने में लगी है, जबकि बीजेपी इस मौके का फायदा उठाकर विपक्ष को घेरने में जुटी है।

अंतिम फैसले पर टिकी सबकी नजर-अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि कांग्रेस आखिर किसे उम्मीदवार बनाएगी। लगातार नेताओं के पीछे हटने के बाद पार्टी के लिए सही नाम चुनना बड़ी चुनौती बन गया है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और ज्यादा चर्चा में रहेगा।

मध्यप्रदेश के राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के अंदर चल रही असमंजस की स्थिति और बीजेपी के हमले से राजनीतिक माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है। अब देखना होगा कि पार्टी किस रणनीति के साथ मैदान में उतरती है और चुनावी जंग में कैसे कदम बढ़ाती है।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button