DMF घोटाले में बड़ी कार्रवाई: पूर्व IAS अनिल टुटेजा गिरफ्तार, जांच में कमीशन और साजिश के गंभीर आरोप

रायपुर DMF फंड घोटाले में बड़ा खुलासा: पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा गिरफ्तार-रायपुर में डिस्ट्रिक्ट मिनरल फाउंडेशन (DMF) फंड से जुड़े भ्रष्टाचार मामले में बड़ा मोड़ आया है। जांच एजेंसी ने इस हाई-प्रोफाइल केस में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लंबे समय की जांच और पुख्ता सबूतों के बाद की गई है।
ACB की सख्त कार्रवाई, अनिल टुटेजा की गिरफ्तारी-भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के बीच एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अनिल टुटेजा को अपराध क्रमांक 02/2024 के तहत गिरफ्तार किया है। लंबे समय तक सबूत जुटाने के बाद यह कदम उठाया गया, जिससे केस में नया मोड़ आया है और जांच और तेज हो गई है।
डिजिटल सबूतों ने खोली कमीशन की पोल-जांच के दौरान डिजिटल रिकॉर्ड, दस्तावेज और गवाहों के बयान मिले, जिनसे पता चला कि आरोपी ने DMF फंड से जुड़े कामों में अपने जानकारों और फर्मों को फायदा पहुंचाने के लिए कमीशन लिया। यह मामला भ्रष्टाचार की गंभीरता को दर्शाता है।
रिश्तेदारों के जरिए फर्मों को फायदा, गंभीर आरोप-जांच में यह भी सामने आया कि अनिल टुटेजा ने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों का इस्तेमाल कर फर्मों को DMF फंड से जुड़े प्रोजेक्ट दिलाए। इसके बदले में कमीशन लिया गया और सरकारी योजनाओं का निजी लाभ उठाया गया, जो गंभीर आरोप हैं।
सरकारी धन के दुरुपयोग और साजिश के सबूत-डिजिटल रिकॉर्ड और गवाहों के बयान से पता चला कि सरकारी फंड का दुरुपयोग हुआ है। आरोपी के खिलाफ आपराधिक साजिश, भ्रष्टाचार और सरकारी पैसे के गलत इस्तेमाल के प्रमाण मिले हैं, जो जांच की गंभीरता को दर्शाते हैं।
पुलिस रिमांड पर भेजा गया, बड़े खुलासे हो सकते हैं-गिरफ्तारी के बाद अनिल टुटेजा को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 26 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। जांच एजेंसी अब अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिससे और खुलासे हो सकते हैं।
पहले से जेल में थे अनिल टुटेजा, अब DMF केस में भी गिरफ्तारी-अनिल टुटेजा पहले से शराब घोटाले के मामले में जेल में बंद थे। प्रोडक्शन वारंट के जरिए उन्हें हिरासत में लेकर DMF केस में भी गिरफ्तार किया गया है। इससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।
रायपुर के DMF फंड घोटाले में पूर्व IAS अधिकारी की गिरफ्तारी से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश गया है। जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं, जो राज्य की राजनीति और प्रशासन के लिए चुनौती बनेंगे।



