मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक के बड़े फैसले: किसानों से लेकर युवाओं तक, हर वर्ग को मिली राहत

मध्य प्रदेश सरकार की हालिया कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जो सीधे तौर पर किसानों, युवाओं और आम जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में स्वामित्व योजना से लेकर नई इंटर्नशिप योजना तक कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी है। आइए, विस्तार से जानते हैं इन फैसलों के बारे में।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक-भोपाल में आयोजित इस बैठक की शुरुआत राष्ट्रगीत “वंदे मातरम” से हुई। इस दौरान सरकार ने कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी। खास बात यह रही कि देश के टॉप-10 आईएएस अधिकारियों में से दो युवा मध्य प्रदेश से हैं, जिन्हें सरकार ने बधाई दी। बैठक के बाद मंत्री चेतन्य कुमार कश्यप ने मीडिया को फैसलों की जानकारी दी।
किसानों के लिए बड़ी राहत: गेहूं और उड़द का समर्थन मूल्य बढ़ाया गया-किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2625 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इसमें केंद्र सरकार का 2585 रुपये और राज्य सरकार का 40 रुपये अतिरिक्त शामिल है। इसके अलावा उड़द की फसल पर भी 600 रुपये प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य देने का फैसला लिया गया है, जिससे किसानों को बेहतर लाभ मिलेगा।
सात विभागों की योजनाएं अगले पांच साल तक जारी रहेंगी-सरकार ने सात विभागों की योजनाओं को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इन योजनाओं पर लगभग 33,240 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इनमें ऊर्जा विभाग की आरडीएसएस योजना, वित्त विभाग की पब्लिक फंडिंग व्यवस्था और पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की परिसंपत्तियों की मरम्मत शामिल हैं। इसका उद्देश्य विकास कार्यों को निरंतरता देना है।
अस्पतालों में 51 नए स्टाफ पदों की मंजूरी-स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने अस्पतालों में 51 नए स्टाफ पदों को मंजूरी दी है। ये पद मइहर, काइमूर और निमाड़ क्षेत्रों के अस्पतालों में भरे जाएंगे। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और अस्पतालों का कामकाज भी सुचारू रूप से चलेगा।
स्वामित्व योजना के तहत 46 लाख परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री-स्वामित्व योजना के तहत लगभग 46 लाख परिवारों की संपत्ति की कानूनी रजिस्ट्री कराई जाएगी। इसके लिए लगने वाला स्टांप शुल्क पूरी तरह माफ किया जाएगा। इससे लाखों परिवारों को अपनी संपत्ति का वैध अधिकार मिलेगा और वे कानूनी सुरक्षा के दायरे में आएंगे।
युवाओं के लिए नई इंटर्नशिप योजना: ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड गवर्नेंस’-युवाओं को प्रशासनिक अनुभव देने के लिए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्नस फॉर गुड गवर्नेंस’ योजना शुरू की है। इस योजना के तहत लगभग 4865 युवाओं को हर महीने 10,000 रुपये मानदेय मिलेगा। हर ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन होगा, जो सरकार की योजनाओं के प्रभाव और चुनौतियों पर रिपोर्ट तैयार करेंगे।
कमर्शियल सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक और पेट्रोलियम पदार्थों की कड़ी निगरानी-राज्य में फिलहाल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी पर रोक जारी रहेगी। यह फैसला केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार लिया गया है, ताकि अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच ईंधन की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पेट्रोलियम पदार्थों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए हैं।
युद्ध के हालात में मध्य प्रदेश को लेकर सरकार का आश्वासन-कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चेतन्य कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के निर्देशों के अनुसार काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों की पर्याप्त उपलब्धता है और अंतरराष्ट्रीय तनाव का राज्य पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। कमर्शियल सिलेंडर पर रोक केवल एहतियात के तौर पर है।
इस तरह, मध्य प्रदेश सरकार की यह कैबिनेट बैठक हर वर्ग के लिए राहत और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। किसानों को बेहतर समर्थन मूल्य, युवाओं को रोजगार के नए अवसर और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। साथ ही, संपत्ति के कानूनी अधिकारों को मजबूत करने से सामाजिक सुरक्षा भी बढ़ेगी।



