भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को बड़ा झटका: सेंसेक्स-निफ्टी में करीब 1% की गिरावट

मंगलवार सुबह भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को बड़ा झटका लगा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। खासकर IT सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली ने बाजार को दबाव में ला दिया। AI से जुड़ी चिंताएं और वैश्विक अनिश्चितता इसका मुख्य कारण हैं।
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में तेज गिरावट, निवेशकों में बढ़ी चिंता-मंगलवार को बाजार खुलते ही सेंसेक्स 813 अंक गिरकर 82,481 पर आ गया, जबकि निफ्टी भी 230 अंक टूटकर 25,482 के स्तर पर पहुंचा। इस तेज गिरावट ने निवेशकों के मन में चिंता पैदा कर दी है और बाजार का माहौल नकारात्मक हो गया है।
IT सेक्टर में भारी बिकवाली, AI के बढ़ते प्रभाव से निवेशक सतर्क-IT कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते इस्तेमाल से पारंपरिक IT बिजनेस पर असर पड़ेगा। HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra और TCS जैसे बड़े नाम इस दबाव का सामना कर रहे हैं।
कई बड़ी कंपनियों के शेयर गिरे, Eternal में सबसे ज्यादा गिरावट-सेंसेक्स की कंपनियों में Eternal के शेयर 3.82 प्रतिशत तक गिर गए। इसके अलावा HCL Technologies, Infosys, Tech Mahindra, TCS, Bharti Airtel, Bajaj Finance, Bharat Electronics, Trent, Adani Ports, ITC और Titan के शेयरों में कमजोरी देखी गई, जिससे बाजार का दबाव बढ़ा।
बैंकिंग और कुछ अन्य सेक्टर ने संभाला मोर्चा, कुछ शेयरों में तेजी-जहां IT सेक्टर दबाव में था, वहीं SBI, Axis Bank, PowerGrid, Asian Paints, Kotak Mahindra Bank और Tata Steel के शेयरों में बढ़त आई। इन शेयरों की तेजी ने बाजार को थोड़ा सहारा दिया और गिरावट को कुछ हद तक रोका।
विशेषज्ञों का कहना है कि IT शेयरों पर दबाव जारी रह सकता है-मार्केट एक्सपर्ट वी के विजयकुमार के अनुसार AI के बढ़ते प्रभाव के कारण IT सेक्टर में कमजोरी का सिलसिला जारी रह सकता है। भारतीय IT कंपनियों के ADR में भी गिरावट देखी जा रही है, जो आने वाले समय में भी दबाव का संकेत है।
ट्रंप के टैरिफ बयान और वैश्विक तनाव से निवेशकों का भरोसा कमजोर-डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ संबंधी बयानों ने वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। उनके संभावित भाषण और व्यापार नीतियों में बदलाव को लेकर निवेशक सतर्क हैं, जिससे बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख, अमेरिकी बाजार में भी गिरावट-दक्षिण कोरिया, जापान और शंघाई के बाजार बढ़त में रहे, जबकि हांगकांग गिरावट में रहा। अमेरिकी शेयर बाजार सोमवार को करीब 2 प्रतिशत गिर गया, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा।
विदेशी निवेशकों ने खरीदे शेयर, घरेलू निवेशकों ने बेचे-विदेशी संस्थागत निवेशकों ने सोमवार को 3,483 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 1,292 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इस वजह से बाजार में अस्थिरता बनी रही और निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ।
कच्चे तेल की कीमत बढ़ने से भी बाजार पर दबाव-ब्रेंट क्रूड की कीमत 1 प्रतिशत बढ़कर 72.13 डॉलर प्रति बैरल हो गई है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता का विषय हैं, जिससे बाजार की धारणा नकारात्मक हुई है।
सोमवार को बाजार में आई थी मजबूती, लेकिन मंगलवार को फिर दबाव-सोमवार को सेंसेक्स 479 अंक बढ़कर 83,294 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 141 अंक की बढ़त के साथ 25,713 के स्तर पर था। लेकिन मंगलवार को बाजार फिर से गिरावट में आ गया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार की गिरावट ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। IT सेक्टर की कमजोरी, वैश्विक अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार पर दबाव बना रही हैं। आने वाले दिनों में बाजार की दिशा पर इन कारकों का असर बना रह सकता है।



