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26 जनवरी का जश्न: देशभक्ति के गीतों में बसी भारत की आत्मा

26 जनवरी का दिन पूरे देश के लिए गर्व और उत्साह का प्रतीक है। सड़कों से लेकर स्कूल, दफ्तर और घर तक हर जगह तिरंगे की चमक और देशभक्ति की खुशबू महसूस की जाती है। लेकिन इस खास दिन की असली जान होती है देशभक्ति के गीत, जो सीधे दिल को छू जाते हैं। 26 जनवरी 1950 को हमारा संविधान लागू हुआ और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इस दिन को याद करते हुए हर साल गणतंत्र दिवस मनाया जाता है, और देशभक्ति के गीत इस जश्न को और भी खास बना देते हैं। ये गीत न सिर्फ माहौल को भावुक करते हैं, बल्कि हर भारतीय के दिल में देश के लिए गर्व और जिम्मेदारी की भावना जगाते हैं।

देशभक्ति के गीत: जोश और जज़्बे की आवाज़-गणतंत्र दिवस पर कुछ ऐसे गीत होते हैं जो सुनते ही रोंगटे खड़े कर देते हैं और दिल अपने आप तिरंगे के रंग में रंग जाता है। “सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तान हमारा” सुनते ही देश की एकता और अखंडता की भावना जाग उठती है। “वंदे मातरम्” मातृभूमि के प्रति सम्मान और श्रद्धा को गहरा करता है। “ऐ मेरे वतन के लोगों” जब भी बजता है, शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है। “मां तुझे सलाम” और “चक दे इंडिया” जैसे गीत युवाओं में जोश और आत्मविश्वास भर देते हैं। ये गीत सिर्फ सुनने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए होते हैं, जो हर भारतीय के दिल में देशभक्ति की आग जलाते हैं।

सदाबहार देशभक्ति के नगमे जो दिल को छू जाते हैं-कुछ देशभक्ति गीत पीढ़ियों से हमारे साथ हैं और हर बार वही असर छोड़ते हैं। “भारत हमको जान से प्यारा है” देश के प्रति गहरे प्रेम को सरल और सजीव शब्दों में बयां करता है। “है प्रीत जहां की रीत सदा” महेंद्र कपूर की आवाज में देश की मिट्टी की खुशबू महसूस कराता है। “जय हो” जैसे गीत उम्मीद और आत्मविश्वास से भरपूर हैं, जो हर चेहरे पर मुस्कान लाते हैं। फिल्मों के गीत जैसे ‘रोज़ा’ का “भारत हमको जान से प्यारा है”, ‘स्वदेश’ का “ये जो देश है तेरा” और ‘लक्ष्य’ का “कंधों से मिलते हैं कंधे” हमें याद दिलाते हैं कि देश सिर्फ जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारी पहचान और आत्मा है।

देशभक्ति के गीत: गर्व, सम्मान और एकता की मिसाल-26 जनवरी के गीत केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि हमारे अंदर छिपे देशप्रेम को जगाने का जरिया हैं। ये गीत हमें उन स्वतंत्रता सेनानियों और सैनिकों की याद दिलाते हैं, जिन्होंने देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया। जब स्कूलों में बच्चे ये गीत गाते हैं, परेड में बैंड इन्हें बजाते हैं और टीवी पर ये गूंजते हैं, तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। ये गीत हमें जिम्मेदार नागरिक बनने, देश की एकता बनाए रखने और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करने की प्रेरणा देते हैं। गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम इन गीतों के बिना अधूरे लगते हैं, क्योंकि इन्हीं सुरों में भारत की आत्मा बसती है।

 

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