रीवा जेल में आज़ादी का जश्न – 18 कैदियों की रिहाई पर छलक उठीं आंखें

आज़ादी का नया सवेरा: जेल से घर वापसी की भावुक कहानी!
भावनाओं का सैलाब: जेल के बाहर खुशियों का मंजर-रीवा केंद्रीय जेल में स्वतंत्रता दिवस पर एक बेहद खास नज़ारा देखने को मिला। सालों से जेल की सलाखों के पीछे सज़ा काट रहे 18 कैदी आज आज़ाद हो गए। जैसे ही वे जेल की ऊंची दीवारों से बाहर निकले, अपने परिवार वालों को सामने देखकर उनकी आँखों से खुशी के आँसू बह निकले। यह पल उनके लिए सचमुच आज़ादी का नया सवेरा लेकर आया था।
माँ-बेटे का मिलन: आँसू और प्यार भरे लम्हे-जेल के बाहर का माहौल भावनाओं से भरा था। किसी ने अपनी माँ को गले लगाकर अपना सारा दर्द बयां कर दिया, तो कोई अपने बच्चों को सीने से लगाकर खुशी से रो पड़ा। सालों के इंतजार के बाद परिवार से मिलना उनके लिए स्वतंत्रता दिवस को वाकई ‘आज़ादी का दिन’ बना गया। यह मिलन बेहद मार्मिक था।
अच्छे व्यवहार का मिला इनाम: रिहाई का फैसला-जेल अधीक्षक एस.के. उपाध्याय ने बताया कि शासन के नियमों के तहत, जिन कैदियों का आचरण अच्छा था, उनके रिहाई के प्रस्ताव को जिला स्तरीय समिति को भेजा गया था। समिति की हरी झंडी मिलने के बाद, राज्य शासन ने 18 पुरुष और 1 महिला कैदी को रिहा करने का आदेश जारी किया।
अलग-अलग जिलों से आए कैदी: घर वापसी की उम्मीद-इन रिहा हुए कैदियों में रीवा, सीधी, सिंगरौली और उमरिया से दो-दो, अनूपपुर से एक और शहडोल से नौ कैदी शामिल थे। रिहाई की खबर उनके परिवारों को पहले ही दे दी गई थी, इसलिए सभी खुशी और एक नई उम्मीद के साथ जेल पहुंचे थे, ताकि वे अपने परिवार के साथ स्वतंत्रता दिवस मना सकें।



