इंदौर में 8वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल का हंगामा, CM हेल्पलाइन तक पहुंची शिकायत, जांच में निकली गलतफहमी

इंदौर के 8वीं बोर्ड परीक्षा केंद्र पर नकल की अफवाह से मचा हड़कंप, जांच में निकली गलतफहमी- मध्यप्रदेश के इंदौर में 8वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान नकल की शिकायत ने अचानक माहौल को तनावपूर्ण बना दिया। खजराना स्थित परीक्षा केंद्र पर नकल कराने का आरोप लगा, जो सीधे मुख्यमंत्री हेल्पलाइन तक पहुंचा। जांच में मामला गलतफहमी निकला, लेकिन तब तक प्रशासन में हलचल मच गई थी।
परीक्षा केंद्र पर नकलका आरोप, परिजनों ने की शिकायत-खजराना के परीक्षा केंद्र पर एक छात्रा और उसके परिजनों ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दौरान नकल कराई जा रही है। उन्होंने यह शिकायत मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर दर्ज कराई, जिससे परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल उठे और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
शिकायत मिलते ही अधिकारी पहुंचे मौके पर, जांच शुरू-शिकायत के बाद शिक्षा विभाग और राज्य शिक्षा केंद्र के अधिकारी तुरंत सक्रिय हुए। वे बिना देर किए परीक्षा केंद्र पहुंचे और पूरी जांच शुरू की। परीक्षा कक्ष का निरीक्षण किया गया और वहां मौजूद स्टाफ से भी पूछताछ की गई ताकि सच सामने आ सके।
ब्लैकबोर्ड की सामान्य जानकारी को समझा नकल, निकली गलतफहमी- जांच में पता चला कि ब्लैकबोर्ड पर परीक्षा से जुड़ी सामान्य जानकारी लिखी थी, जिसे छात्रा ने नकल समझ लिया था। अधिकारियों को नकल का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। पूरी पड़ताल के बाद यह मामला सिर्फ एक गलतफहमी साबित हुआ।
शिकायत वापस ली गई, शिक्षा विभाग ने राहत की सांस ली-सच्चाई सामने आने के बाद छात्रा और उसके परिजनों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से अपनी शिकायत वापस ले ली। इस घटना के बाद शिक्षा विभाग ने राहत की सांस ली और कहा कि नकल रोकने के लिए उड़नदस्ते लगातार निरीक्षण कर रहे हैं और परीक्षा की निगरानी सख्ती से की जा रही है।
झूठी शिकायत से मचा हड़कंप, परीक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे-हालांकि शिकायत गलत निकली, लेकिन कुछ समय के लिए परीक्षा केंद्र और विभाग में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी गलत शिकायतें अनावश्यक तनाव पैदा करती हैं। फिर भी विभाग परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्क है।
इंदौर के इस मामले ने दिखाया कि गलतफहमी से भी परीक्षा व्यवस्था में तनाव पैदा हो सकता है। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि वे नकल रोकने के लिए पूरी सतर्कता से काम कर रहे हैं। भविष्य में ऐसी गलतफहमियों से बचने के लिए जागरूकता जरूरी है।



