भोपाल में ‘विकसित भारत@2047’ कार्यशाला: रोजगार आधारित शिक्षा पर नए अवसर और सीएम का बड़ा ऐलान

मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए नई शिक्षा क्रांति: वेटनरी और मत्स्य पालन में सुनहरा भविष्य-मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल दिए हैं! ‘विकसित भारत@2047’ कार्यक्रम के तहत राज्य में नए वेटनरी और मत्स्य पालन कोर्स शुरू होने जा रहे हैं। यह कदम न केवल युवाओं को रोजगार देगा बल्कि राज्य के पशुपालन और मत्स्य उत्पादन क्षेत्र को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
रोजगारपरक शिक्षा का नया दौर-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस ऐलान के साथ कहा कि स्किल ही आज की असली पूंजी है। उन्होंने प्रदेश के विश्वविद्यालयों में पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे रोजगारपरक कोर्स शुरू करने की घोषणा की। इन कोर्सों से युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। यह कदम दूध और मछली उत्पादन में मध्य प्रदेश को देश में अग्रणी बनाने में भी मदद करेगा। युवाओं को खेती-किसानी से भी जोड़ने पर ज़ोर दिया गया है।
शिक्षा और संस्कार का संगम-सीएम ने कहा कि हमारी शिक्षा हमारी परंपराओं से जुड़ी है और नवाचार के साथ-साथ संस्कार भी जरूरी हैं। उन्होंने सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आजादी के बाद हमारी जड़ों को मजबूत करने के प्रयास हुए हैं। उनका मानना है कि सिर्फ करियर ही नहीं, अच्छे नागरिक बनना भी ज़रूरी है। इससे युवाओं का सर्वांगीण विकास होगा।
स्थानीय उद्योगों से जुड़ें कोर्स-राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने विश्वविद्यालयों से अपील की कि वे क्षेत्रीय उद्योगों से जुड़े कोर्स और ट्रेनिंग कार्यक्रम शुरू करें। इससे युवाओं को पास में ही रोजगार के अवसर मिलेंगे और उन्हें दूर-दूर नहीं जाना पड़ेगा। उनका मानना है कि संस्कार आधारित शिक्षा ही भारत को मज़बूत और समृद्ध बना सकती है। यह कदम युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
भविष्य की ओर एक नया कदम-यह पहल मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए एक नया अवसर है। नए कोर्स न केवल रोजगार के द्वार खोलेंगे बल्कि राज्य के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे। यह शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आने वाले समय में इस पहल से राज्य के विकास में और तेज़ी आएगी।



