रावतपुरा मेडिकल कॉलेज रिश्वतकांड पर सरकार सख्त, जांच में जुटा चिकित्सा शिक्षा विभाग

रावतपुरा मेडिकल कॉलेज घोटाला: सीबीआई के बाद राज्य सरकार भी हुई एक्शन में-छत्तीसगढ़ के रावतपुरा मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने के नाम पर हुए भारी रिश्वतखोरी के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। सीबीआई की जांच के बाद राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है और इस मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने मांगी रिपोर्ट, कॉलेज की होगी जांच-स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आयुक्त चिकित्सा शिक्षा, संचालक यूएस पैकरा और मेडिकल कॉलेज रायपुर के डीन से पूरी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही, कॉलेज की कार्यप्रणाली की भी जांच करने के आदेश दिए गए हैं ताकि पता चल सके कि इतनी बड़ी गड़बड़ी कैसे हो पाई। इस जांच से कॉलेज की कार्यप्रणाली में लापरवाही और कमियों का पता चलने की उम्मीद है।
डॉ. अतिन कुंडू पर संदेह, कार्रवाई शुरू-इस मामले में डॉ. अतिन कुंडू की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। वह आंबेडकर अस्पताल में सह-प्राध्यापक हैं और रावतपुरा कॉलेज से भी उनका संबंध है। प्रशासन ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। डॉ कुंडू की भूमिका की जांच से मामले की गहराई का पता चल सकता है।
सीबीआई की रिपोर्ट: 8 राज्यों के 36 लोग शामिल, 6 गिरफ्तार-सीबीआई की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि यह घोटाला सिर्फ़ छत्तीसगढ़ तक सीमित नहीं है, बल्कि आठ राज्यों के 36 लोग इसमें शामिल हैं। रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के चेयरमैन, डायरेक्टर, एकाउंटेंट समेत कई लोगों पर आरोप लगे हैं और अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पता चलता है कि यह एक बड़ा और संगठित घोटाला है।
पहले मिली थी शिकायत, लेकिन कार्रवाई में देरी-इस मामले की शुरुआत एक फैकल्टी सदस्य की शिकायत से हुई थी, जो पिछले साल नेशनल मेडिकल काउंसिल (NMC) तक पहुंची थी। लेकिन, शिकायत पर समय पर ध्यान नहीं दिया गया, जिससे मामला इतना बड़ा हो गया। समय पर कार्रवाई न करने से मामले ने विकराल रूप धारण कर लिया।
सरकार का सख्त संदेश: दोषी नहीं बचेंगे-चिकित्सा शिक्षा आयुक्त ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एनएमसी और सीबीआई की जांच जारी है और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। सरकार की ओर से सख्त कार्रवाई का संदेश दिया गया है।



