पानी की टंकी पर फांसी, सुसाइड नोट में सरपंच और पुलिस पर आरोप; मजदूर की मौत से गांव में गुस्सा और सड़क जाम

मध्य प्रदेश के जावरा में मजदूर की आत्महत्या से हिल गया गांव, आरोपों और आक्रोश के बीच बढ़ी चिंता-मध्य प्रदेश के जावरा क्षेत्र के हरियाखेड़ा गांव में एक मजदूर युवक ने पानी की टंकी पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिवार और ग्रामीणों में गुस्सा और सवालों का माहौल है, जो मामले को और गंभीर बना रहा है।
पानी की टंकी पर फांसी लगाकर मजदूर ने दी जान, गांव में मचा हड़कंप-लक्ष्मीचंद्र पिता कनीराम भील नाम के युवक ने गांव की पानी की टंकी पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की खबर फैलते ही गांव में सनसनी फैल गई। परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और इस दुखद घटना को लेकर कई गंभीर आरोप लगाने लगे।
सुसाइड नोट और टंकी की सीढ़ियों पर लिखे आरोपों ने बढ़ाया शक-मृतक के पास से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उसने गांव के सरपंच जितेंद्र पाटीदार, उनके भाई और पिता का नाम लिखा है। इसके अलावा उसने टंकी की सीढ़ियों पर भी आरोपियों के नाम और “पुलिस नहीं सुनती” जैसे शब्द लिखे थे, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
आरोपों को मिटाने का शक, पुलिस और सरपंच पर उठे सवाल-ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद टंकी की सीढ़ियों पर लिखे गए नाम और आरोप मिटा दिए गए। लोगों का कहना है कि यह काम सरपंच या पुलिस के कहने पर गांव के चौकीदार से कराया गया। इससे ग्रामीणों का शक और बढ़ गया है और निष्पक्ष जांच की मांग जोर पकड़ रही है।
सरपंच पहले भी रिश्वत मामले में फंसे, ग्रामीणों में बढ़ा असंतोष-गांव के सरपंच जितेंद्र पाटीदार का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। उन्हें पहले Economic Offences Wing ने रिश्वत मामले में फंसाया था। इस पुराने मामले की वजह से ग्रामीणों को इस आत्महत्या में भी सरपंच की भूमिका पर शक है और वे सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया विरोध, पुलिस ने दिया आश्वासन-घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने चौपाटी से बाजार जाने वाले पुल पर जाम लगा दिया और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारी युवराजसिंह चौहान ने बताया कि मामले में मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस और जनप्रतिनिधियों की समझाइश के बाद जाम हटा लिया गया।
आरोपी पुलिसकर्मी पर कार्रवाई, निष्पक्ष जांच का भरोसा-मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने आरोपी एएसआई आशीष मांगरिया को लाइन अटैच कर दिया है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जावरा के इस दर्दनाक मामले ने गांव में गहरा आक्रोश और सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं कि कैसे इस मामले को निष्पक्ष और सच्चाई के साथ सुलझाया जाएगा।



