Madhya Pradesh

इंदौर में IVF और सरोगेसी के नाम पर डॉक्टर ने किया बड़ा घिनौना कांड, दंपति से छीना बच्चा

कर्ज की मजबूरी में फंसा दंपति, डॉक्टर ने दिया झांसा-इंदौर के एक दंपति ने आर्थिक तंगी के चलते कर्ज लिया था, जिसे चुकाने में परेशानी हो रही थी। इसी दौरान एक डॉक्टर ने खुद को बड़े अस्पताल से जोड़कर उन्हें IVF और कर्ज माफ कराने का झांसा दिया। भरोसे में आकर दंपति ने डॉक्टर की बात मानी और महिला को अस्पताल में भर्ती कराया। यह शुरुआत थी एक खतरनाक साजिश की, जिसने उनके जीवन को पूरी तरह बदल दिया।

IVF फेल होने के बाद डॉक्टर ने बनाया दबाव, होटल में किया दुष्कर्म-IVF की दो असफल कोशिशों के बाद डॉक्टर ने महिला औरउसके पति पर दबाव बनाना शुरू किया। फरवरी 2024 में महिला को एक होटल में बुलाकर नशीला पदार्थ दिया गया और जबरन दुष्कर्म किया गया। विरोध करने पर धमकियां मिलीं कि अगर कुछ कहा तो झूठे केस में फंसाया जाएगा। डर के कारण दंपति चुप रहे, लेकिन यह घटना उनके लिए मानसिक यातना बन गई।

गर्भवती महिला को बंदी बनाकर रखा, हर कमरे में लगे थे कैमरे-महिला गर्भवती होने के बाद डॉक्टर ने दंपति को एक फ्लैट में बंद कर दिया, जहां हर कमरे में कैमरे लगे थे। वे बच्चे के जन्म तक बाहर नहीं जा सके। महिला की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 4 अक्टूबर 2024 को आठ महीने के गर्भ के बाद बेटे को जन्म दिया गया। लेकिन राहत नहीं मिली, मुश्किलें और बढ़ गईं।

अस्पताल से छुट्टी के समय नवजात बच्चे को जबरन छीन लिया गया-9 अक्टूबर को अस्पताल से छुट्टी के वक्त डॉक्टर और उसके साथियों ने नवजात बच्चे को जबरन छीन लिया। पति का मोबाइल फोन छीनकर फॉर्मेट कर दिया गया और सिम कार्ड तोड़ दिया गया ताकि वे किसी से संपर्क न कर सकें। धमकियां दी गईं कि अगर कुछ कहा तो झूठे केस में फंसाया जाएगा। दंपति को बच्चे से दूर कर दिया गया और वे डर के मारे कुछ नहीं कर सके।

समझौते का दबाव और बच्चे के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र की धमकी-26 नवंबर 2024 को दंपति को एक होटल में बुलाकर समझौते पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए। डॉक्टर ने बच्चे का फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने की धमकी दी ताकि मामला दबा दिया जाए। पीड़िता ने समझदारी दिखाकर दस्तावेजों की तस्वीरें सुरक्षित रखीं। दंपति ने हार नहीं मानी और न्याय के लिए आगे आने का फैसला किया।

पुलिस कमिश्नर तक पहुंचा मामला, जांच से बढ़ी उम्मीद-पीड़ित दंपति ने हाईकोर्ट के वकील और एडवोकेट की मदद से पुलिस कमिश्नर को शिकायत दी। सबूत भी पेश किए गए। पुलिस ने महिला थाना को जांच के आदेश दिए हैं। एडवोकेट ने बताया कि भारत में कमर्शियल सरोगेसी प्रतिबंधित है, लेकिन कुछ लोग महिलाओं का शोषण कर रहे हैं। अब पुलिस जांच से उम्मीद है कि सच्चाई सामने आएगी और दोषियों को सजा मिलेगी।

यह मामला महिलाओं और परिवारों की मजबूरी का दुरुपयोग करने वाले लोगों के खिलाफ एक चेतावनी है। IVF और सरोगेसी जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं में पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा होनी चाहिए ताकि कोई भी परिवार इस तरह के जाल में फंसे बिना अपनी खुशियों के साथ आगे बढ़ सके।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button