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Politics

“वायनाड में ‘फर्जी वोटर’ का आरोप बेबुनियाद, कांग्रेस ने दी करारा जवाब”

अनुराग के आरोपों पर कांग्रेस का करारा जवाब: क्या है पूरा सच?

वायनाड में फर्जी वोटरों का जाल? कांग्रेस ने खोली बीजेपी की पोल!-केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने हाल ही में एक बड़ा आरोप लगाया कि वायनाड लोकसभा सीट, जहाँ से राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भारी मतों से जीते हैं, वहाँ बड़ी संख्या में फर्जी वोटर जोड़े गए हैं। उनका कहना था कि एक ही घर से अलग-अलग धर्मों के लोगों को वोटर सूची में शामिल किया गया है। यह बयान आते ही राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। लेकिन कांग्रेस ने इस आरोप पर तुरंत पलटवार करते हुए सच्चाई सामने रखी। कांग्रेस के अनुसार, ठाकुर जिस ‘एक घर’ की बात कर रहे हैं, वह असल में एक पूरा इलाका है जिसका नाम ‘चौंडेरी’ है। पहले इस जगह को ‘चामुंडेश्वरी कुन्नु’ के नाम से जाना जाता था। यहाँ रहने वाले लोग, चाहे वे किसी भी धर्म के हों, अपने पते के रूप में ‘चौंडेरी’ का ही उल्लेख करते हैं। कांग्रेस ने इसे केरल की सांप्रदायिक सौहार्द की एक खूबसूरत मिसाल बताया है, जो बीजेपी के विभाजनकारी एजेंडे के बिल्कुल विपरीत है।

‘एक घर, अलग-अलग धर्म’ वाली बात का सच: परंपरा या साजिश?-कांग्रेस विधायक टी. सिद्दीक ने सोशल मीडिया पर इस मामले पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि केरल में यह आम बात है कि अलग-अलग धर्मों के लोग एक ही घर में या एक साथ रहते हैं, क्योंकि यहाँ भाईचारे और आपसी मेलजोल की परंपरा बहुत पुरानी और गहरी है। यह बात शायद उन बीजेपी नेताओं को हैरान कर सकती है जो अक्सर धार्मिक आधार पर लोगों को बांटने की कोशिश करते हैं। कांग्रेस का यह भी कहना है कि अनुराग ठाकुर ने जिस तरह से ‘एक घर में अलग-अलग धर्म’ होने की बात कही, वह जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। असल में, केरल में पते लिखते समय अक्सर घर के नाम के तौर पर पूरे मोहल्ले या इलाके का नाम इस्तेमाल किया जाता है, न कि किसी एक विशेष इमारत या मकान का। इस तरह, एक ही पते पर अलग-अलग धर्मों के लोगों का होना वहाँ की सामाजिक संरचना का हिस्सा है, न कि कोई फर्जीवाड़ा।

‘मैमोना’ के नाम पर तीन वोटर? कांग्रेस ने किया आरोपों का खंडन!-अनुराग ठाकुर ने एक और गंभीर आरोप लगाया था कि ‘मैमोना’ नाम की एक महिला तीन अलग-अलग मतदान बूथों की वोटर सूची में दर्ज है। कांग्रेस ने इस आरोप को भी पूरी तरह से बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया। पार्टी का कहना है कि ये तीनों ‘मैमोना’ असल में अलग-अलग महिलाएं हैं, जिनके नाम भले ही एक जैसे हों, लेकिन उनकी पहचान, उनके पते और उनके जीवन पूरी तरह से भिन्न हैं। इतना ही नहीं, कुछ न्यूज़ चैनलों ने तो इन तीनों महिलाओं से सीधे बातचीत भी की, जिससे यह साबित हो गया कि अनुराग ठाकुर के आरोप झूठे और भ्रामक थे। कांग्रेस नेताओं का यह भी कहना है कि इस तरह के निराधार आरोप जनता को गुमराह करने और चुनावी माहौल को खराब करने की एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा हैं, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है और यह केरल के लोगों के बीच आपसी भाईचारे को दर्शाती है।

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