भारत-पाकिस्तान सीजफायर अपडेट: एक ओर युद्धविराम की घोषणा, दूसरी ओर रातभर चली गोलियां और ब्लैकआउट

सीजफायर के बाद पाकिस्तान की चालबाज़ी: तनाव और डर का माहौल- यह लेख 10 मई की रात की घटनाओं पर केंद्रित है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच हुए युद्धविराम समझौते को पाकिस्तान ने तोड़ दिया। इस घटना ने देश भर में डर और तनाव फैला दिया।
युद्धविराम का उल्लंघन और बढ़ता तनाव-शाम को हुए युद्धविराम समझौते के कुछ ही घंटों बाद, पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए एलओसी पर गोलीबारी शुरू कर दी। इसके साथ ही, पाकिस्तानी ड्रोन जम्मू-कश्मीर, पंजाब और राजस्थान में घुसपैठ की कोशिश करते दिखे। यह कार्रवाई भारत के लिए बड़ा झटका थी और इससे तनाव का माहौल बन गया। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आधी रात को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान की हरकतों की कड़ी निंदा की और भारतीय सेना को पाकिस्तान के हर कदम का मुंहतोड़ जवाब देने का निर्देश दिया।
ब्लैकआउट और जनता में डर-पाकिस्तान की कार्रवाई के बाद, पंजाब, जम्मू-कश्मीर और राजस्थान के कई इलाकों में ब्लैकआउट लगा दिया गया। पंजाब के कई शहरों में पूरी रात बिजली गुल रही। अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर ने लोगों से अपील की कि वे घरों में रहें और सावधानी बरतें। लोगों में डर का माहौल था और हर कोई सुरक्षित रहने की कोशिश कर रहा था।
गुजरात में भी ड्रोन दिखे- गुजरात के कई जिलों में भी पाकिस्तानी ड्रोन देखे गए, जिसके बाद वहाँ भी ब्लैकआउट लगा दिया गया। गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने लोगों को शांत रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।
राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में हमले-राजस्थान के जोधपुर और जैसलमेर में भी एहतियातन ब्लैकआउट किया गया। जम्मू-कश्मीर में नगरोटा में आर्मी बेस पर हमला हुआ और एक जवान घायल हो गया। श्रीनगर में भी धमाकों की आवाज़ें सुनी गईं और ब्लैकआउट लगा दिया गया। एलओसी पर पाकिस्तान की ओर से लगातार फायरिंग जारी रही, हालाँकि बारामूला में एक पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया गया।
पाकिस्तान का झूठा बयान- इन सभी घटनाओं के बावजूद, पाकिस्तान ने अपनी हरकतों से इनकार किया और भारत पर ही दोष मढ़ दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी करके कहा कि वह युद्धविराम का पालन कर रहा है और भारत इसका उल्लंघन कर रहा है।
11 मई की सुबह: धीरे-धीरे सामान्य स्थिति- 11 मई की सुबह कुछ इलाकों में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य होने लगी। हालांकि, प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है और हर गतिविधि पर नज़र रखी जा रही है।



