भारत को आतंकवाद के खिलाफ रूस का भरोसेमंद साथ, सैन्य मदद में भी दिखेगी तेजी

रूस यात्रा: रक्षा मंत्री सेठ की यात्रा ने गहराए भारत-रूस संबंध- रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के हालिया रूस दौरे ने भारत और रूस के बीच के मजबूत संबंधों को और मजबूत किया है। इस यात्रा ने न केवल सैन्य सहयोग को मजबूत किया, बल्कि दोनों देशों के बीच की गहरी दोस्ती और आपसी सम्मान को भी प्रदर्शित किया।
रूस का पूर्ण समर्थन और सैन्य सहयोग- अपनी रूस यात्रा के दौरान, सेठ ने रूस से आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूर्ण समर्थन पाने की पुष्टि की। रूस ने भारत को आश्वस्त किया है कि सभी सैन्य ऑर्डर समय पर पूरे किए जाएंगे। यह वादा भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक सैन्य उपकरणों की आपूर्ति सुनिश्चित करता है। इसके अलावा, दोनों देशों ने अपने सैन्य और तकनीकी सहयोग को और गहरा करने पर सहमति जताई है, जिससे भविष्य में और अधिक सुरक्षा सहयोग की उम्मीद है। यह सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए फायदेमंद है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। रूस ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत के रुख का भी समर्थन किया है, जो कि भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
## मास्को में भावुक पल और प्रवासी भारतीयों से मुलाकात- मास्को में, सेठ ने अज्ञात सैनिकों के स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की और उन वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने अपने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। इसके अलावा, उन्होंने मास्को में रह रहे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात की और उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा, “जितनी ठंडी रूस की हवा होती है, उतनी ही गर्म होती है भारत और रूस की दोस्ती।” यह बयान दोनों देशों के बीच के गर्मजोशी भरे रिश्तों को दर्शाता है। उन्होंने भारतीय प्रवासियों से मुलाकात कर उनके अनुभव जाने और उन्हें भरोसा दिलाया कि भारत सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है। यह मुलाकात न केवल औपचारिक थी, बल्कि इसमें भावनात्मक जुड़ाव भी दिखाई दिया।
राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात: सादगी और गर्मजोशी- सेठ ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से तीन बार मुलाकात की, और हर बार उन्हें राष्ट्रपति पुतिन की विनम्रता और सहजता ने प्रभावित किया। यह मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत के प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के कारण विदेश यात्रा पर नहीं जा सके। इसलिए, सेठ का रूस दौरा और राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण थी। इस मुलाकात ने भारत और रूस के बीच के मजबूत और व्यक्तिगत संबंधों को दिखाया है। यह यात्रा एक बार फिर साबित करती है कि भारत और रूस के बीच न सिर्फ सैन्य सहयोग है, बल्कि गहरी मित्रता और आपसी सम्मान भी है।



