होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकले भारतीय LPG जहाज, गुजरात के बंदरगाहों की ओर बढ़े ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’

मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच भारत के LPG जहाजों की होर्मुज से सुरक्षित वापसी, ऊर्जा सुरक्षा को मिली बड़ी राहत-मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। खाड़ी देशों से एलपीजी लेकर आ रहे दो भारतीय जहाज शनिवार सुबह सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गए। इससे इस संकरे और युद्ध प्रभावित समुद्री मार्ग से सुरक्षित निकलने वाले भारतीय जहाजों की संख्या तीन हो गई है। हालांकि, कई जहाज अभी भी खाड़ी क्षेत्र में इंतजार कर रहे हैं।
दो एलपीजी जहाज होर्मुज पार कर गुजरात की ओर बढ़े-भारत के एलपीजी कैरियर जहाज ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’ शनिवार सुबह सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर गए। केंद्रीय पोत, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ये जहाज अब गुजरात के मुंद्रा और कांडला बंदरगाह की ओर बढ़ रहे हैं। यह भारत की कूटनीतिक सफलता का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।
मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पर डॉकिंग की तैयारी-‘शिवालिक’ जहाज मुंद्रा बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है और 16 मार्च तक पहुंचने की संभावना है। वहीं ‘नंदा देवी’ कांडला बंदरगाह पहुंचेगा, जहां यह अगले दिन डॉक करेगा। दोनों जहाजों में कुल मिलाकर करीब 92,700 टन एलपीजी गैस लदी हुई है, जो देश की घरेलू गैस आपूर्ति के लिए बेहद जरूरी है।
खाड़ी में अभी भी 22 भारतीय जहाज इंतजार में-होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 22 भारतीय जहाज खड़े हैं और सुरक्षित मार्ग मिलने का इंतजार कर रहे हैं। इनमें छह एलपीजी कैरियर, एक एलएनजी जहाज, चार कच्चे तेल के टैंकर, एक केमिकल उत्पाद जहाज, तीन कंटेनर शिप और दो बल्क कैरियर शामिल हैं। कुछ जहाज मरम्मत के लिए ड्राई डॉक में भी हैं।
पहले भी एक भारतीय टैंकर हो चुका है सुरक्षित पार-इससे पहले भारतीय झंडे वाला तेल टैंकर ‘जग प्रकाश’ शुक्रवार को सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुका है। यह जहाज ओमान के सोहर पोर्ट से गैसोलीन लेकर तंजानिया के तंगा बंदरगाह की ओर जा रहा था और 21 मार्च तक वहां पहुंचने की उम्मीद है।
खाड़ी युद्ध के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित-ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण फारस की खाड़ी में जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक सैकड़ों जहाज ईरान और ओमान के बीच इस संकरे समुद्री मार्ग में फंस गए थे। मार्च के पहले सप्ताह से यह मार्ग लगभग बंद सा हो गया था।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा में होर्मुज जलडमरूमध्य की अहमियत-भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का करीब 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से 85 से 90 प्रतिशत गैस खाड़ी देशों जैसे सऊदी अरब और यूएई से आती है। ये देश अपने तेल और गैस की आपूर्ति के लिए मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इस मार्ग की सुरक्षा भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए बेहद जरूरी है।
भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर सरकार की नजर-विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा कि खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारतीय जहाजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। सरकार क्षेत्रीय देशों के साथ संपर्क में है ताकि सभी जहाजों और नाविकों को सुरक्षित मार्ग मिल सके और ऊर्जा आपूर्ति में कोई रुकावट न आए।
देश के बंदरगाहों पर सामान्य संचालन जारी-सरकार के अनुसार भारत के सभी बंदरगाहों पर फिलहाल संचालन सामान्य रूप से चल रहा है। एलपीजी लेकर आने वाले जहाजों को प्राथमिकता के आधार पर डॉकिंग की अनुमति दी जा रही है। सरकार पूरी सतर्कता के साथ समुद्री हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि देश में गैस की आपूर्ति प्रभावित न हो।
इस तरह, मिडिल ईस्ट के तनाव के बीच भारत के लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है कि एलपीजी जहाज सुरक्षित लौट रहे हैं और देश की ऊर्जा सुरक्षा बनी हुई है। सरकार की सतर्कता और कूटनीतिक प्रयासों से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि घरेलू गैस आपूर्ति में कोई बाधा न आए।



