इंदौर जल संकट: राहुल गांधी पहुंचे पीड़ितों के बीच, अस्पताल जाकर जाना हाल, परिवारों को दी आर्थिक मदद

इंदौर में राहुल गांधी का दौरा: दूषित पानी पीड़ितों से मुलाकात और मदद का वादा-कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज इंदौर पहुंचे और उन्होंने भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस इलाके में गंदा पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। राहुल गांधी ने पीड़ितों का हाल जाना और आर्थिक मदद भी दी, साथ ही सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की।
अस्पताल में मरीजों से मुलाकात-राहुल गांधी सुबह दिल्ली से इंदौर आए और सीधे बॉम्बे अस्पताल पहुंचे। वहां उन्होंने गंभीर हालत में भर्ती मरीजों और उनके परिवार वालों से बात की। डॉक्टरों से इलाज की स्थिति के बारे में जानकारी ली और मरीजों के हालचाल जाना। यह उनका पहला कदम था पीड़ितों से जुड़ने का।
भागीरथपुरा में टूटे परिवारों से बातचीत-अस्पताल के बाद राहुल गांधी सीधे भागीरथपुरा गए, जहां उन्होंने उन परिवारों से मुलाकात की जिन्होंने इस हादसे में अपने करीबियों को खोया है। उन्होंने पीड़ितों का दर्द समझा और उन्हें सांत्वना दी। राहुल ने कहा कि इस दुखद घटना की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।
आर्थिक मदद के रूप में चेक सौंपे-राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों को एक-एक लाख रुपये के चेक दिए। उन्होंने कहा कि यह मदद दुख को कम नहीं कर सकती, लेकिन कांग्रेस इस मुश्किल वक्त में पीड़ितों के साथ है। उन्होंने आगे भी हर संभव सहायता का भरोसा दिलाया।
कांग्रेस का बयान: यह राजनीति नहीं, जन स्वास्थ्य संकट है-मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यह मामला राजनीति से ऊपर है। यह सीधे जन स्वास्थ्य का बड़ा संकट है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन मौतों की संख्या कम दिखा रहा है, जबकि हकीकत इससे कहीं ज्यादा गंभीर है।
विपक्ष की सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश-राहुल गांधी के दौरे को सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति माना जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि यह हादसा लापरवाही का नतीजा है। पार्टी मांग कर रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। राहुल गांधी का यह दौरा सिर्फ सांत्वना देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने पीड़ितों को आर्थिक मदद दी और सरकार से जवाबदेही की मांग भी की। यह घटना जन स्वास्थ्य की गंभीर समस्या को उजागर करती है और प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल उठाती है।



