क्या चीन की ताकत का नया प्रदर्शन दुनिया को है चेतावनी?

चीन की शान: दुनिया देखी नई ताकत, पुतिन-किम भी थे खास मेहमान!
चीन की आधुनिक सेना का जलवा: दुनिया को दिखाया अपना दम-भाईसाब, बुधवार को चीन ने तो गज़ब ही कर दिया! पहली बार अपनी एकदम नई-नवेली, मॉडर्न मिलिट्री पावर दुनिया को दिखाई। सोचिए, फाइटर जेट्स हवा में गरज रहे थे, खतरनाक मिसाइलें तैयार थीं और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी ज़बरदस्त टेक्नोलॉजी भी थी। ये सब चीन की उस जीत की 80वीं सालगिरह पर दिखाया गया, जिसे वो जापान के खिलाफ द्वितीय विश्व युद्ध की अपनी जीत मानता है। ये सिर्फ एक परेड नहीं थी, बल्कि चीन ने अपनी मिलिट्री की धाक जमाने के साथ-साथ अपनी डिप्लोमेसी का भी कमाल दिखाया।
दुनिया भर के नेता पहुंचे, पड़ोसी भी थे मौजूद-इस शानदार मौके पर 26 देशों के बड़े-बड़े लीडर आए थे। सबसे खास बात तो ये थी कि रूस के प्रेसिडेंट व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के लीडर किम जोंग उन भी वहां थे। इनके अलावा ईरान, मलेशिया, म्यांमार, मंगोलिया, इंडोनेशिया, जिम्बाब्वे जैसे कई देशों के लीडर भी शामिल हुए। अपने पड़ोसी देशों से भी पाकिस्तान के प्राइम मिनिस्टर शहबाज शरीफ, नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली और मालदीव के प्रेसिडेंट मोहम्मद मुइज्जू जैसे लोग आए थे। चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग और उनकी वाइफ पेंग लीयुआन ने इन सभी मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत किया। इस परेड में सैकड़ों फौजी थे और बीजिंग के तियानआनमेन स्क्वायर को ऐसे सजाया गया था जैसे कोई बड़ा ऐतिहासिक पल हो। इतने सारे विदेशी लीडरों का एक साथ आना, इस इवेंट को और भी खास बना गया।
किम जोंग उन का आना और दोस्ती की नई तस्वीर-उत्तर कोरिया के किम जोंग उन तो अपने खास ट्रेन से बीजिंग आए थे, और उनके साथ उनकी बेटी किम जु ए भी थीं। ये उनकी 2019 के बाद चीन की पहली विज़िट थी। आपको बता दें कि हाल ही में चीन और उत्तर कोरिया के रिश्तों में थोड़ी खटास की खबरें आ रही थीं, क्योंकि किम जोंग उन रूस के ज़्यादा करीब जाने की कोशिश कर रहे थे। यहाँ तक कि उन्होंने यूक्रेन युद्ध में रूस की मदद के लिए सैनिक भेजने पर भी हामी भर दी थी। लेकिन इस परेड में किम का आना ये पक्का करता है कि चीन और उत्तर कोरिया की दोस्ती आज भी वैसी ही है। और पुतिन और शी जिनपिंग के साथ उनकी मौजूदगी ने दुनिया को एक बड़ा मैसेज दिया है कि एशिया में अमेरिका के खिलाफ एक नया ग्रुप बन रहा है।
अमेरिका और जापान को सीधा इशारा-इस परेड में शी जिनपिंग, पुतिन और किम जोंग उन का एक साथ दिखना अपने आप में बहुत बड़ा संकेत है। ये मैसेज खासकर अमेरिका और उनके प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के लिए था। ट्रंप पहले कोशिश कर चुके थे कि पुतिन और किम को अपने साथ मिला लें, लेकिन बीजिंग में उनका एक साथ आना ये साबित करता है कि चीन इन दोनों को अपने साथ मजबूती से जोड़े रखना चाहता है। दूसरी तरफ, जापान इस पूरे इवेंट से बिल्कुल खुश नहीं था। उन्होंने दूसरे देशों से कहा भी था कि इस परेड में शामिल न हों। चीन ने जापान की इस बात पर कड़ा ऐतराज जताया और साफ कह दिया कि वो अपनी ताकत दिखाने से पीछे नहीं हटेगा।
क्यों खास था ये मिलिट्री शो?-वैसे तो चीनी सेना (PLA) अपने सीक्रेट नेचर के लिए जानी जाती है, लेकिन इस बार उन्होंने अपने सबसे मॉडर्न और हाई-टेक हथियार दुनिया को पहली बार दिखाए। चीन का दावा है कि उनके हथियार अब अमेरिका की सेना के बराबर या उससे भी बेहतर हो गए हैं। फाइटर जेट्स से लेकर मिसाइलें और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर जैसी टेक्नोलॉजी तक, सब कुछ परेड में शामिल था। इस इवेंट को कवर करने के लिए सिर्फ चीन ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के पत्रकारों को बुलाया गया था। बीजिंग में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और पूरा शहर एक बड़े मिलिट्री फेस्टिवल में बदल गया था। ये सब चीन की उस बड़ी प्लानिंग का हिस्सा है, जिससे वो अपनी ताकत और दुनिया में अपना रुतबा और बढ़ाना चाहता है।



