केरल चुनाव 2026: 75% से ज्यादा वोटिंग, क्या LDF बनाएगा हैट्रिक या UDF करेगा वापसी?

केरल विधानसभा चुनाव 2026: मतदान उत्साह और राजनीतिक मुकाबले की पूरी जानकारी-केरल विधानसभा चुनाव 2026 में गुरुवार को 140 सीटों पर मतदान हुआ, जिसमें शाम 5 बजे तक 75 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई। यह चुनाव राज्य की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस लेख में हम मतदान के आंकड़ों, प्रमुख राजनीतिक दलों की स्थिति और चुनाव की खास बातों को विस्तार से समझेंगे।
मतदान में दिखा जबरदस्त उत्साह-चुनाव आयोग के अनुसार, शाम 5 बजे तक लगभग 2.71 करोड़ मतदाताओं में से 75.01 प्रतिशत ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। यह पिछले चुनाव की तुलना में थोड़ा ज्यादा है, जो यह दर्शाता है कि इस बार भी लोगों में लोकतंत्र के प्रति गहरी रुचि और उत्साह है। मतदान का यह प्रतिशत केरल के चुनाव इतिहास में एक मजबूत रिकॉर्ड की ओर इशारा करता है।
पिछले चुनावों से तुलना: मतदान का रिकॉर्ड क्या कहता है?-2021 के चुनाव में 74.06 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि केरल में अब तक का सबसे अधिक मतदान 1987 में 80.5 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इस बार का मतदान प्रतिशत उस रिकॉर्ड के काफी करीब पहुंचता दिख रहा है, जो इस चुनाव की गंभीरता और जनता की भागीदारी को दर्शाता है।
सत्ता की टक्कर: एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए-इस चुनाव में मुख्य मुकाबला तीन बड़े राजनीतिक गठबंधनों के बीच है। सत्ताधारी एलडीएफ मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन के नेतृत्व में अपनी योजनाओं के दम पर तीसरी बार सत्ता में लौटने की कोशिश कर रहा है। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्ता में वापसी की पूरी तैयारी में है। इसके अलावा, बीजेपी के नेतृत्व वाला एनडीए भी अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने के लिए सक्रिय है।
मतदान का दिन: सुबह से शाम तक का ग्राफ-सुबह 9 बजे तक 16.23 प्रतिशत मतदान हुआ, जो 11 बजे तक बढ़कर 33.28 प्रतिशत और दोपहर 1 बजे तक 49.70 प्रतिशत हो गया। इसके बाद मतदान की गति थोड़ी धीमी हुई, लेकिन शाम 3 बजे तक यह 62.71 प्रतिशत और शाम 5 बजे तक 75.01 प्रतिशत तक पहुंच गया। यह लगातार बढ़ता मतदान प्रतिशत चुनाव में जनता की गहरी दिलचस्पी को दर्शाता है।
जिलेवार मतदान: कोझिकोड सबसे आगे-जिलेवार आंकड़ों में कोझिकोड ने सबसे अधिक 77.63 प्रतिशत मतदान दर्ज किया। इसके बाद एर्नाकुलम 77.25 प्रतिशत के साथ दूसरे नंबर पर रहा। विधानसभा सीटों की बात करें तो कुन्नाथुनाड में सबसे ज्यादा वोटिंग हुई, जबकि कडूथुरुथी में सबसे कम 66.81 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। यह आंकड़े क्षेत्रीय मतदाता उत्साह की विविधता को दर्शाते हैं।
90% मतदान का लक्ष्य: क्या बनेगा नया रिकॉर्ड?-चुनाव से पहले मुख्य चुनाव अधिकारी रतन यू केलकर ने उम्मीद जताई थी कि इस बार 90 प्रतिशत तक मतदान हो सकता है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग में कई बड़े नेता और मशहूर हस्तियों ने भी हिस्सा लिया, जिससे मतदान के प्रति जागरूकता और बढ़ी। हालांकि, अभी तक 90 प्रतिशत का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ है, लेकिन यह चुनाव केरल के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना बना हुआ है।
बड़े नेताओं की भागीदारी ने बढ़ाई चुनाव की गरिमा-मतदान के दौरान मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन, कांग्रेस नेता वी.डी. सतीशन, केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी, केपीसीसी प्रमुख सन्नी जोसेफ और अभिनेता मोहनलाल जैसे बड़े नाम भी वोट डालने पहुंचे। इन प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति ने चुनाव को और अधिक चर्चा में ला दिया और मतदाताओं में मतदान के प्रति उत्साह बढ़ाया।
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में मतदान का प्रतिशत और राजनीतिक मुकाबला दोनों ही बेहद रोचक और निर्णायक हैं। जनता की बढ़ती भागीदारी और तीन प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच कड़ी टक्कर इस चुनाव को राज्य की राजनीति के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बना रही है। आने वाले दिनों में चुनाव परिणाम से ही पता चलेगा कि केरल की जनता ने किस दिशा में अपना विश्वास जताया है।



