Chhattisgarh

Jinkushal Industries IPO: 42% GMP के साथ बना निवेशकों की पहली पसंद, जानें पूरी डिटेल

जिनकुशल इंडस्ट्रीज का IPO: क्या यह आपके लिए सुनहरा मौका है?

IPO का पूरा हिसाब-किताब: कितना पैसा, कैसे और क्यों?-रायपुर की जानी-मानी कंपनी, जिनकुशल इंडस्ट्रीज लिमिटेड, अपने IPO के साथ शेयर बाजार में धूम मचाने को तैयार है। सोचिए, कंपनी पूरे ₹116.11 करोड़ जुटाने का इरादा रखती है! यह पैसा दो हिस्सों में बंटा हुआ है। एक हिस्सा है ‘फ्रेश इश्यू’, जिसमें कंपनी 86 लाख नए शेयर लाएगी और इससे लगभग ₹104.49 करोड़ आएंगे। दूसरा हिस्सा है ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS), जिसमें मौजूदा शेयरधारक 10 लाख शेयर बेचेंगे, जिससे करीब ₹11.61 करोड़ मिलेंगे। इसका मतलब है कि कंपनी न केवल अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए पैसा जुटा रही है, बल्कि पुराने निवेशकों को भी अपने शेयर बेचने का मौका दे रही है। यह एक बढ़िया स्ट्रक्चर है, जो दिखाता है कि कंपनी अपने विस्तार की योजनाओं को लेकर कितनी गंभीर है।

IPO कब खुलेगा, कब बंद होगा? लिस्टिंग की तारीखें भी जान लीजिए!-अगर आप इस IPO में पैसा लगाने की सोच रहे हैं, तो तारीखें याद रखना बहुत ज़रूरी है। जिनकुशल इंडस्ट्रीज का IPO 25 सितंबर 2025 को खुलेगा और 29 सितंबर 2025 को बंद हो जाएगा। इसके बाद, 30 सितंबर को यह तय होगा कि किसे कितने शेयर मिलेंगे, और फिर 3 अक्टूबर 2025 को यह शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर लिस्ट हो जाएंगे। सोचिए, सिर्फ 8 दिनों में यह पूरा प्रोसेस निपट जाएगा! इतनी जल्दी लिस्टिंग निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकती है, खासकर तब जब ग्रे मार्केट में इसका प्रीमियम (GMP) पहले से ही काफी अच्छा चल रहा है। यह उन लोगों के लिए एक बेहतरीन मौका है जो लिस्टिंग के दिन ही मुनाफा कमाना चाहते हैं।

शेयरों की कीमत क्या होगी? और आपको कितने पैसे लगाने होंगे?-इस IPO में शेयर खरीदने के लिए आपको ₹115 से ₹121 प्रति शेयर के बीच कीमत चुकानी होगी। छोटे निवेशकों के लिए भी नियम बहुत आसान हैं। एक लॉट में 120 शेयर होंगे, जिसकी कुल कीमत ₹14,520 होगी। अगर आप ‘स्मॉल नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर’ (sNII) हैं, तो आपको कम से कम 14 लॉट, यानी 1,680 शेयर खरीदने होंगे, जिसमें करीब ₹2,03,280 लगेंगे। वहीं, बड़े निवेशक, जिन्हें ‘बिग नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर’ (bNII) कहा जाता है, उन्हें 69 लॉट, यानी 8,280 शेयर खरीदने होंगे, जिसकी कीमत लगभग ₹10,01,880 होगी। कंपनी ने प्राइस बैंड को काफी सोच-समझकर रखा है, ताकि छोटे और मध्यम वर्ग के निवेशक भी आसानी से इसमें भाग ले सकें।

कंपनी का इतिहास और उसका काम-काज: क्या है खास?-जिनकुशल इंडस्ट्रीज की कहानी 2007 में शुरू हुई थी और तब से यह कंपनी लगातार तरक्की कर रही है। यह असल में एक एक्सपोर्ट ट्रेडिंग कंपनी है, जो दुनिया भर में कंस्ट्रक्शन मशीनरी बेचती है। कंपनी ने UAE, मैक्सिको, नीदरलैंड, बेल्जियम, साउथ अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन जैसे 30 से ज़्यादा देशों में अपना कारोबार फैलाया हुआ है। कंपनी के काम को तीन हिस्सों में बांटा जा सकता है: पहला, बिल्कुल नई कंस्ट्रक्शन मशीनों को ग्राहकों की ज़रूरत के हिसाब से बनाकर एक्सपोर्ट करना; दूसरा, पुरानी मशीनों को ठीक करके (रिफर्बिश्ड) बेचना; और तीसरा, अपने खुद के ब्रांड ‘HexL’ के तहत बैकहो लोडर्स की बिक्री करना। अप्रैल 2025 तक, कंपनी 1,500 से ज़्यादा मशीनें बेच चुकी है, जिसमें से अकेले पिछले 9 महीनों में ही 1,171 मशीनें डिलीवर की गई हैं। कंपनी के पास 228 सप्लायर्स का एक मजबूत नेटवर्क है और 111 कर्मचारियों की एक शानदार टीम है, जिसमें 48 लोग मशीनों को ठीक करने (रिफर्बिशमेंट) के माहिर हैं।

कंपनी की कमाई और IPO से मिले पैसों का क्या होगा?-अगर हम कंपनी के पैसों के हिसाब-किताब की बात करें, तो जिनकुशल इंडस्ट्रीज ने वित्तीय वर्ष 2025 में कमाल का प्रदर्शन किया है। कंपनी का रेवेन्यू (कमाई) 59% बढ़कर ₹385.81 करोड़ हो गया। वहीं, टैक्स देने के बाद कंपनी का मुनाफा (PAT) भी 3% बढ़कर ₹19.14 करोड़ तक पहुँच गया। अब, IPO से जो पैसा जुटाया जाएगा, उसका सबसे बड़ा हिस्सा, यानी करीब ₹72.67 करोड़, कंपनी अपने वर्किंग कैपिटल (रोज़मर्रा के खर्चों) को पूरा करने के लिए इस्तेमाल करेगी। बाकी बचे पैसों का इस्तेमाल कंपनी अपने सामान्य कामों को बेहतर बनाने, नए प्लान्स लागू करने और अपने बिजनेस को और मजबूत बनाने में करेगी। कंपनी ने यह साफ कर दिया है कि यह पैसा सिर्फ आज की ज़रूरतों के लिए नहीं, बल्कि लंबे समय तक कंपनी की ग्रोथ को बनाए रखने के लिए इस्तेमाल होगा।

ग्रे मार्केट में धूम: IPO को लेकर निवेशकों का क्या है मानना?-IPO खुलने से पहले ही जिनकुशल इंडस्ट्रीज को ग्रे मार्केट में ज़बरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। खबर है कि इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) ₹51 के आसपास चल रहा है, जो कि शेयर की ऊपरी कीमत (कैप प्राइस) से करीब 42% ज़्यादा है। इसका सीधा मतलब यह है कि निवेशक इस IPO को लेकर बहुत ज़्यादा उत्साहित हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि लिस्टिंग के दिन शेयर की कीमत में अच्छी खासी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। GMP में इतनी तेज़ी तभी देखी जाती है जब कंपनी का बिजनेस मॉडल बहुत सॉलिड हो और उसके फाइनेंशियल्स भी भरोसेमंद हों। रायपुर की यह कंपनी न सिर्फ भारत में बल्कि विदेशों में भी अपनी एक खास पहचान बना चुकी है। यही वजह है कि यह IPO निवेशकों के लिए इतना आकर्षक नज़र आ रहा है।

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