पहलगाम अटैक में जान गंवाने वाले मुस्लिम युवक सैयद आदिल कौन थे? उस समय क्या कर रहे थे, जानिए

पहलगाम: कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले में 28 लोगों की जान चली गई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज जारी है। इस हमले में मरने वालों में ज्यादातर पर्यटक थे, लेकिन एक नाम है जो सबका ध्यान खींच रहा है—सैयद आदिल हुसैन शाह। आइए जानते हैं कि सैयद आदिल हुसैन शाह कौन थे। असल में, सैयद आदिल हुसैन शाह इस हमले में जान गंवाने वालों में से एक थे। वे कोई पर्यटक नहीं, बल्कि कश्मीर के एक स्थानीय निवासी थे। आदिल पेशे से घोड़ा चालक थे और पहलगाम आने वाले पर्यटकों को घुड़सवारी करवा कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। वह उसी काम के सिलसिले में हमले के वक्त वहां मौजूद थे, जब आतंकियों ने उन्हें गोली मार दी। पिता ने न्याय की मांग की आदिल की मौत की खबर जैसे ही परिवार को मिली, एक कोहराम मच गया। उनके पिता ने बेटे की मौत पर न्याय की मांग की। सैयद आदिल हुसैन शाह के पिता ने कहा, “मेरा बेटा शहीद हो गया। वह बेगुनाह था, उसका क्या कसूर था? जिसने भी यह किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। हमें इंसाफ चाहिए।” ‘वह बेगुनाह था, उसका क्या कसूर था?’ आदिल के पिता सैयद हैदर शाह ने ANI से कहा, “मेरा बेटा ही घर का अकेला कमाने वाला था। वह काम के सिलसिले में पहलगाम गया था। करीब 3 बजे हमें हमले की खबर मिली। हमने उसे फोन किया, लेकिन फोन बंद था। फिर 4:30 बजे उसका फोन ऑन हुआ, लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया। हम तुरंत थाने पहुंचे और वहां पता चला कि वह हमले में घायल हुआ था। मेरा बेटा शहीद हो गया। वह बेगुनाह था, उसका क्या कसूर था? जिसने भी ये किया है, उसे सजा मिलनी चाहिए। हमें इंसाफ चाहिए।”
‘हम कैसे जिएंगे?’ – मृतक की मां आदिल की मां अभी भी सदमे से उबर नहीं पाई हैं। उन्होंने कहा, “वो ही हमारा सहारा था। घोड़े चला कर कमाई करता था। अब हमें चलाने वाला कोई नहीं बचा है। हम कैसे जिएंगे, कुछ समझ नहीं आ रहा।” ‘आदिल था परिवार की रीढ़’ आदिल के चाचा शहीद बुग सिंह ने कहा, “वो घर का सबसे बड़ा बेटा था। उसके छोटे बच्चे हैं, बीवी है… पूरा घर उसी पर निर्भर था। अब तो सब कुछ खत्म हो गया। यह परिवार बहुत गरीब है, और अब इनके पास कोई सहारा नहीं बचा। हम सरकार से अपील करते हैं कि इस परिवार की मदद की जाए।” ‘यह हमारी कश्मीरियत पर धब्बा है’ आदिल के रिश्तेदार मोहिउद्दीन शाह ने कहा, “हम इसी इलाके से हैं, और हमें इस नुकसान का गहरा दर्द महसूस हो रहा है। आदिल एक गरीब परिवार से था, और उसकी मौत ने सब कुछ छीन लिया है। यह हमारी कश्मीरियत पर धब्बा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि इस हमले की पूरी जांच हो और निर्दोषों के साथ फिर से ऐसा न हो। हमें आदिल के परिवार के लिए न्याय चाहिए।” यह घटना कश्मीर की संस्कृति और कश्मीरियत पर एक बड़ा आघात है, और लोगों की आंखों में अब भी उस बेगुनाह की मौत का दर्द और आक्रोश साफ दिखाई देता है।



