कोटक महिंद्रा बैंक के तिमाही नतीजे: मुनाफा बढ़ा, मजबूत वित्तीय स्थिति का संकेत

मुंबई स्थित निजी क्षेत्र के बड़े बैंक कोटक महिंद्रा बैंक ने दिसंबर 2025 को खत्म हुई तीसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। बैंक का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की तुलना में 4 प्रतिशत बढ़कर 3,446 करोड़ रुपये हो गया है। कुल मिलाकर ये नतीजे बैंक की स्थिर और मजबूत ग्रोथ की कहानी बयां करते हैं।
मुनाफे और आय में बढ़ोतरी का संकेत-कोटक महिंद्रा बैंक की कुल आय इस तिमाही में 16,741 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल इसी अवधि में 16,050 करोड़ रुपये थी। ब्याज से होने वाली आय भी बढ़कर 13,903 करोड़ रुपये पहुंच गई है, जो बैंक के मजबूत लोन पोर्टफोलियो को दर्शाता है। ये आंकड़े बैंक की आमदनी में निरंतर सुधार की तरफ इशारा करते हैं।
नेट इंटरेस्ट इनकम में सुधार, लेकिन मार्जिन में गिरावट-बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) इस तिमाही में बढ़कर 7,565 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल यह 7,196 करोड़ रुपये थी। हालांकि, नेट इंटरेस्ट मार्जिन में गिरावट आई है, जो 4.93 प्रतिशत से घटकर 4.54 प्रतिशत रह गया। यह गिरावट बैंक के लिए एक चुनौती हो सकती है, जिसे ध्यान में रखना जरूरी है।
एसेट क्वालिटी में सुधार, एनपीए घटे-31 दिसंबर 2025 तक बैंक के खराब कर्ज (एनपीए) में कमी आई है। ग्रॉस एनपीए 1.50 प्रतिशत से घटकर 1.30 प्रतिशत हो गया है, जबकि नेट एनपीए भी 0.41 प्रतिशत से घटकर 0.31 प्रतिशत पर आ गया है। यह साफ करता है कि बैंक ने खराब कर्ज पर बेहतर नियंत्रण रखा है।
प्रोविजन और कैपिटल एडिक्वेसी की स्थिति-दिसंबर तिमाही में बैंक का प्रोविजन बढ़कर 810 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 794 करोड़ रुपये था। वहीं कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो में थोड़ी गिरावट आई है, जो 22.79 प्रतिशत से घटकर 22.63 प्रतिशत रह गया। फिर भी यह स्तर नियामकीय मानकों से काफी ऊपर बना हुआ है, जो बैंक की मजबूत पूंजी स्थिति को दर्शाता है।
कंसॉलिडेटेड नतीजे और नए लेबर कोड का प्रभाव-कंसॉलिडेटेड आधार पर बैंक का मुनाफा 5 प्रतिशत बढ़कर 4,924 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें नए लेबर कोड के कारण करीब 98 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च शामिल है। इसके बावजूद बैंक ने मुनाफे में बढ़त बनाए रखी है, जो उसकी वित्तीय मजबूती का परिचायक है।
AUM और नेटवर्थ में जबरदस्त उछाल-31 दिसंबर 2025 तक बैंक के कस्टमर एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में बढ़ोतरी हुई है, जो 6,85,134 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,87,950 करोड़ रुपये हो गया। साथ ही बैंक की कंसॉलिडेटेड नेटवर्थ भी बढ़कर 1,75,251 करोड़ रुपये पहुंच गई है। ये आंकड़े बैंक की मजबूत वित्तीय स्थिति और बढ़ती पकड़ को दर्शाते हैं।



