ग्वालियर में BJP नेता के फार्महाउस से जब्त शराब निकली जहरीली: फोरेंसिक रिपोर्ट ने खोली नकली फैक्ट्री की पूरी सच्चाई

ग्वालियर में बीजेपी नेता के फार्महाउस से जब्त जहरीली शराब का बड़ा खुलासा, जांच तेज-ग्वालियर जिले में बीजेपी नेता के फार्महाउस से जब्त शराब की फोरेंसिक जांच में पता चला है कि वह जहरीली थी। इस खबर ने प्रशासन और आबकारी विभाग में हड़कंप मचा दिया है। अब मामले के मुख्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
फोरेंसिक रिपोर्ट ने खोला जहरीली शराब का राज-फार्महाउस से जब्त शराब की जांच फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में कराई गई, जिसमें साफ हुआ कि शराब जहरीली है। इस खुलासे के बाद प्रशासन में सक्रियता बढ़ गई है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच शुरू कर दी गई है।
बीजेपी नेता के फार्महाउस पर छापे में मिला भारी जखीरा-26 अक्टूबर 2025 को आबकारी विभाग की टीम ने घाटीगांव इलाके में सुरेंद्र सिंह तोमर के फार्महाउस पर छापा मारा। वहां से नकली शराब और उसे बनाने वाली मशीनें बरामद हुईं, जो बड़े पैमाने पर अवैध शराब उत्पादन का सबूत हैं।
36 ड्रम और हजारों लीटर शराब के साथ मशीनें जब्त-छापेमारी में टीम को 36 ड्रम और 313 केन में करीब 22,850 लीटर ऑर्गेनिक प्रोडक्ट (ओपी) मिली। इसके अलावा शराब बनाने की मशीनें और उपकरण भी जब्त किए गए, जो नकली शराब बनाने की पूरी फैक्ट्री होने की पुष्टि करते हैं।
नकली ओपी से बनी 220 पेटी व्हिस्की भी मिली-जांच में यह भी सामने आया कि जब्त ओपी का इस्तेमाल नकली व्हिस्की बनाने में हो रहा था। मौके से 220 पेटी तैयार व्हिस्की भी बरामद हुई, जिससे यह साबित होता है कि यह पूरी तरह अवैध शराब बनाने का कारोबार था।
मुख्य आरोपी और उनकी गिरफ्तारी की तैयारी-इस मामले का मास्टरमाइंड सोनीपत का रहने वाला रणदीप मलिक बताया जा रहा है, जिसके खिलाफ पहले से 15 अंतरराज्यीय शराब तस्करी के मामले दर्ज हैं। उसके सहयोगी अमित कुमार के साथ दोनों की गिरफ्तारी के लिए टीमें सक्रिय हैं।
प्रशासन की सख्त कार्रवाई, जल्द हो सकती है बड़ी गिरफ्तारी-फोरेंसिक रिपोर्ट के बाद आबकारी विभाग पूरी तरह सक्रिय हो गया है। अधिकारी कह रहे हैं कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जाएगा। साथ ही अन्य जुड़े लोगों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला ग्वालियर में अवैध शराब के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई का उदाहरण है, जो समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



