कानपुर लैम्बॉर्गिनी हादसे में नया खुलासा: ड्राइवर मोहन ने किया बड़ा दावा

हादसे के वक्त गाड़ी चला रहा था मैं, शिवम नहीं- कानपुर के चर्चित लैम्बॉर्गिनी हादसे में नया मोड़ आया है। हादसे के नामित ड्राइवर मोहन ने कोर्ट के बाहर मीडिया से कहा कि हादसे के वक्त गाड़ी वही चला रहा था, न कि तंबाकू कारोबारी के.के. मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा। हालांकि पुलिस अब भी अपने सबूतों के साथ शिवम को ही ड्राइवर मानती है।
अचानक दौरा पड़ा, मैं घबरा गया-मोहन ने बताया कि हादसे से ठीक पहले शिवम को अचानक दौरा पड़ा और वे उसकी तरफ गिर पड़े। वह घबरा गया और एक हाथ से उन्हें संभालने की कोशिश करता रहा। इसी दौरान गाड़ी ने तीन पहिया वाहन को टक्कर मारी, डिवाइडर पर चढ़ गई और फिर रुकी। ऑटोमैटिक लॉक सिस्टम की वजह से वह तुरंत बाहर नहीं निकल पाया।
सीट बदलने और शीशा तोड़ने का भी दावा-मोहन ने कहा कि बाद में उसने शिवम को ड्राइवर सीट पर बैठाया और खुद बाहर निकल गया। बाद में गाड़ी का शीशा तोड़ा गया। कोर्ट में उसके वकील ने सरेंडर अर्जी लगाई थी, लेकिन पुलिस ने उसे आरोपी नहीं माना, इसलिए अदालत ने सरेंडर स्वीकार नहीं किया।
10 करोड़ की कार का वीआईपी रोड पर बड़ा हादसा-रविवार दोपहर करीब तीन बजे 10 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत वाली लैम्बॉर्गिनी रेवुएल्टो ने वीआईपी रोड पर पैदल चल रहे लोगों और वाहनों को टक्कर मारी। इस हादसे में घायल तौफीक ने एफआईआर दर्ज कराई। यह मामला कानपुर के पॉश ग्वालटोली इलाके का है और इसलिए चर्चा में बना हुआ है।
पिता के बयान में उलझन, तकनीकी खराबी का हवाला-शिवम के पिता के.के. मिश्रा ने पहले कहा था कि गाड़ी मोहन चला रहा था, बाद में कहा कि उन्हें नहीं पता कि हादसे के वक्त ड्राइवर कौन था। उन्होंने बताया कि गाड़ी में एक दिन पहले तकनीकी खराबी आई थी, जिसे मरम्मत के बाद टेस्ट ड्राइव के लिए निकाला गया था। लौटते वक्त शिवम की तबीयत बिगड़ गई थी।
पुलिस का साफ दावा: सीसीटीवी और गवाहों ने सच बताया-कानपुर पुलिस ने परिवार के दावों को खारिज करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज, गवाहों और अन्य सबूतों से साफ पता चलता है कि हादसे के वक्त शिवम ही ड्राइविंग सीट पर था। कुछ वीडियो में भीड़ को ड्राइवर सीट से एक युवक को बाहर निकालते देखा गया, जिसे शिवम बताया जा रहा है। पुलिस ने कार को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है।
यह मामला अभी भी जांच के दायरे में है और कोर्ट में सुनवाई जारी है। ड्राइवर मोहन के दावों और पुलिस के सबूतों के बीच सच्चाई सामने आने का इंतजार है।



