“अब निजी क्षेत्र आगे बढ़े”: विकसित भारत के लिए उद्योगों से पीएम मोदी की बड़ी अपील

प्रधानमंत्री मोदी का उद्योग जगत को संदेश: निवेश और नवाचार से भारत को वैश्विक मुकाम पर ले जाना है-प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग जगत को स्पष्ट संदेश दिया है कि अब निजी क्षेत्र को निवेश और नवाचार में नई ऊर्जा दिखानी होगी। सरकार ने मजबूत आधार तैयार कर दिया है, अब उद्योगों को आगे आकर भारत को वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रखना होगा। यह वक्त बदलाव और विकास का है।
पूंजीगत खर्च में अभूतपूर्व वृद्धि, विकास की मजबूत नींव-प्रधानमंत्री ने बताया कि 11 साल पहले सार्वजनिक पूंजीगत खर्च 2 लाख करोड़ रुपये था, जो अब 2026-27 के बजट में बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है। यह सिर्फ आंकड़ा नहीं, बल्कि देश के बुनियादी ढांचे और भविष्य की मजबूत नींव है। सरकार ने रास्ता साफ कर दिया है, अब निजी क्षेत्र को कदम बढ़ाना होगा।
उद्योग जगत से नई ऊर्जा और नवाचार की उम्मीद-प्रधानमंत्री ने कहा कि “इंडिया इंक” को नए निवेश और इनोवेशन के साथ आगे आना होगा। वित्तीय संस्थानों और विश्लेषकों से भी उन्होंने व्यावहारिक समाधान तैयार करने और बाजार में भरोसा बढ़ाने की अपील की। जब सरकार, उद्योग और ज्ञान साझेदार मिलकर काम करेंगे, तभी सुधार जमीन पर दिखेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंस मॉडल में सुधार जरूरी-प्रधानमंत्री ने बुनियादी ढांचे में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने और वित्तीय मॉडलों में नवाचार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया को मजबूत करना और मूल्यांकन की गुणवत्ता सुधारना बेहद जरूरी है। पिछले दशक में कई क्षेत्रों में रिकॉर्ड निवेश हुआ, लेकिन निजी क्षेत्र की अपेक्षित भागीदारी अभी पूरी नहीं हुई है।
टेक्नोलॉजी पर जोर, सुधारों की रफ्तार बनाए रखना जरूरी-मोदी ने कहा कि पिछले दस सालों में भारत की मजबूती का कारण विश्वास-आधारित सुधार और कारोबार को आसान बनाना रहा है। टेक्नोलॉजी आधारित गवर्नेंस और संस्थागत मजबूती पर लगातार काम हुआ है। उन्होंने सुझाव दिया कि सुधारों की सफलता का मूल्यांकन उनके जमीन पर असर से होना चाहिए।
‘रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर’ का प्रस्ताव-विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने ‘रिफॉर्म पार्टनरशिप चार्टर’ बनाने का प्रस्ताव रखा। इसका मकसद सरकार, उद्योग, वित्तीय संस्थानों और अकादमिक जगत के बीच सहयोग को औपचारिक रूप देना है। बजट को केवल अल्पकालिक दस्तावेज न समझा जाए, बल्कि दीर्घकालिक रोडमैप माना जाए।
बजट वेबिनार को सार्थक मंथन का मंच बनाएं-प्रधानमंत्री ने कहा कि पोस्ट-बजट वेबिनार केवल औपचारिक चर्चा तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसे गंभीर विचार-विमर्श और ठोस सुझावों का मंच बनाना जरूरी है। विकसित भारत का सपना तभी पूरा होगा जब नीतियों का क्रियान्वयन प्रभावी और परिणामदायक होगा।
यह संदेश स्पष्ट करता है कि भारत के विकास के लिए निजी क्षेत्र की भागीदारी, नवाचार और टेक्नोलॉजी का उपयोग अनिवार्य है। सरकार ने मजबूत आधार तैयार कर दिया है, अब उद्योगों को आगे बढ़कर देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाना होगा।



