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Madhya Pradesh
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महुआ के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण एवं आर्थिक उन्नयन पर एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला सम्पन्न….

वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने प्रशासन अकादमी में ‘‘राष्ट्रीय महुआ कानक्लेव’’ आयोजन के अवसर पर कहा कि वनोपज के माध्यम से गरीब कल्याण की दिशा में व्यापक संभावनाएं हैं। प्रदेश में महुआ संग्राहकों को बेहतर मूल्य दिलाने की दिशा में सभी सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेंगी। महुआ संग्रहण के लिए इन परिवारों को निःशुल्क जाल उपलब्ध कराया जायेगा, जिससे उत्तम गुणवत्ता का महुआ संग्रहित किया जा सके।

वन मंत्री डॉ. शाह ने महुआ के सामाजिक सशक्तिकरण एवं आर्थिक उन्नयन पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में कहा कि मध्यप्रदेश का महुआ संग्रहण में अग्रणी स्थान है। अभी तक महुआ वनोपज का सीमित उपयोग होता था, इसी प्रकार वनवासियों को महुआ वनोपज का उचित मूल्य भी प्राप्त नहीं हो पाता था। राज्य शासन द्वारा की गई पहल से संग्राहकों को अब महुआ संग्रहण का अच्छा मूल्य प्राप्त हो पा रहा है। इसके लिए वनवासियों को महुआ पेड़ के नीचे जाल बिछाकर महुआ संग्रहण के लिए जागरूक किया गया है। वन मेले के माध्यम से महुआ विपणन में अब बेहतर कीमत मिल रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब विभागीय रोपणों में 50 प्रतिशत वनोपज प्रजाति के पौधों के रोपण का निर्णय लिया गया है। इससे भविष्य में ग्रामीण क्षेत्रों में इमारती लकड़ी के साथ-साथ लघु वनोपज भी प्राप्त हो सकेगी। हाईटेक टिशुकल्चर नर्सरी में महुए के पौधों को तैयार किये जायेंगे।

वनमंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने इस अवसर पर मध्यप्रदेश में लघुवनोपज की उत्पादन क्षमता का आंकलन प्रतिवेदन का विमोचन किया। वनमेला-2022 की चित्रमयी प्रस्तुति का दस्तावेज जारी किया। एम.एफ.पी.पार्क के हर्बेरियम डाटाबेस को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर मान्य न्यूयार्क बॉटनिकल गार्डन की वेबसाइट ‘‘इडेक्स हर्बेरियम डाटाबेस सिस्टम’’ वेबसाईट का लोकार्पण किया। उन्होंने वन-धन नैचुरल्स की नवीन पैकेजिंग का लोकार्पण किया। वनमंत्री द्वारा प्रदेश में फुडग्रेड महुआ संग्रहण में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आठ जिला वनोपज सहकारी यूनियनों का सम्मान किया।

अपर मुख्य सचिव वन श्री जे.एन. कांसोटिया ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की आजीविका से महुआ जुड़ा हुआ है। इसके विकास तथा विपणन पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता है। प्रधान मुख्य संरक्षक एवं वनबल प्रमुख श्री रमेश कुमार गुप्ता ने कहा कि महुए की गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में विगत कुछ वर्षों में किये गये प्रयासों के परिणाम मिलना शुरू हो गये हैं। प्रबंध संचलाक मध्यप्रदेश राज्य वनोपज संघ श्री पुष्कर सिंह ने कहा कि महुए पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर किये जा रहे प्रयासों से भविष्य में महुआ संग्रहणकर्ताओं को लाभ प्राप्त होगा। वरिष्ठ वन अधिकारी, विषय विशेषज्ञ एवं महुआ संग्राहक उपस्थित थे।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी, एम.एफ.पी.पार्क डॉ. दिलीप कुमार ने समापन अवसर पर महुआ कानक्लेव डिक्लेरेशन के माध्यम से इस एक दिवसीय आयोजन के तीन सत्रों के दौरान विषय विशेषज्ञों द्वारा की गई चर्चा के आधार पर महुआ पर भविष्य की रणनीति प्रस्तुत की। राष्ट्रीय महुआ कानक्लेव में लंदन से श्री अनिल पटेल, पेरिस से श्री राहुल श्रीवास्तव ने अपने अनुभव बताये। श्री पटेल ने बताया कि मध्यप्रदेश से निर्यातित महुआ के द्वारा उन्होंने अनेक उत्पाद तैयार किये हैं, जिनकी अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी मांग है।

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