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Madhya Pradesh

विकसित भारत के लिए चिकित्सकों को अपनी सशक्त भूमिका का करना होगा निर्वहन: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल : उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि डॉ. बीसी रॉय ने चिकित्सा सेवा को अपनी समर्पित सेवा से गौरवान्वित किया है। उन्हीं की स्मृति में राष्ट्रीय डॉक्टर्स दिवस मनाया जाता है। चिकित्सकों की जन-कल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका है। कोविड काल में हमने चिकित्सकों की समर्पित सेवा बहुत करीब से देखा है। किसान अन्नदाता हैं, डॉक्टर्स जीवनदाता हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्राथमिकता हैं। इस दिशा में सशक्त प्रयास चल रहे हैं। वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने के लिए स्वास्थ्य आधारभूत कड़ी है, इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए चिकित्सकों को अपनी सशक्त भूमिका का निर्वहन करना पड़ेगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल गांधी मेडिकल कॉलेज भोपाल में राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस पर चिकित्सक सम्मान कार्यक्रम में शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि मध्यप्रदेश में एमबीबीएस और पीजी की सीट में वृद्धि की जा रही है। आगामी वर्षों में मध्यप्रदेश में 5 हज़ार एमबीबीएस सीट और 2500 पीजी सीट की वृद्धि की जा रही है। अधोसंरचना में सतत विस्तार हो रहा है। विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर भारत की इस राह में चिकित्सकों की भूमिका अहम है। उन्होंने चिकित्सा छात्रों से कहा शिक्षा के साथ संस्कार होना आवश्यक है। समाज में सुधार के लिए सभी के कल्याण के लिए हमें समर्पित होकर मानव सेवा करनी चाहिए। डॉक्टर्स से अपेक्षा है कि वह अपनी सामाजिक गरिमा अनुसार पूर्ण समर्पण से नागरिकों की सेवा करें। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार महत्वपूर्ण चुनौती है, आज आवश्यक है कि हम सभी ग्रामीण सेवा को प्राथमिकता दें। 

अंगदान सेवा भाव का सर्वोच्च रूप उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अंगदान से कई ज़िंदगियाँ बचाई जा सकती हैं। यह न केवल एक प्रेरणादायक मानवीय कार्य है, बल्कि मृत्यु के बाद भी जीवन देने का माध्यम बनता है। एक व्यक्ति का अंगदान 8 लोगों को नया जीवन दे सकता है। अंगदान के माध्यम से हम किसी के चेहरे की मुस्कान, किसी की दृष्टि, किसी की धड़कन और किसी का जीवन वापस लौटा सकते हैं। यह सेवा भाव का वह सर्वोच्च रूप है, जिससे समाज में करुणा और मानवता की ज्योति सदैव जलती रहेगी। उन्होंने कहा कि देहदान/अंगदान करने वाले देहदान अथवा हृदय, लिवर, गुर्दे जैसे महत्वपूर्ण अंगों का दान करने वाले नागरिकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने गणतंत्र एवं स्वतंत्रता दिवस पर ऐसे प्रेरणादायी नागरिकों के परिजनों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। देहदान या अंगदान करने वाले दिवंगत नागरिकों के पार्थिव शरीर को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान कर राज्य की ओर से सम्मान व्यक्त किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने उपस्थित जनों को अंगदान की शपथ दिलाई।

उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने चिकित्सा क्षेत्र में विशिष्ट योगदान देनी वाली विभूतियों को शाल श्रीफल और प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया। स्त्री रोग विशेषज्ञ पद्मश्री डॉ लीला जोशी (पूर्व छात्र एमजीएमसी इंदौर), हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिहर त्रिवेदी (पूर्व छात्र जीएमसी भोपाल), डॉ. एम.के. जैन (पूर्व छात्र एसएसएमसी रीवा), डॉ. बी.पी. दुबे (पूर्व छात्र जीएमसी भोपाल), डॉ. संजीव गौर (पूर्व छात्र एसएसएमसी रीवा), न्यूरो सर्जन प्रो. डॉ. वाय. आर. यादव, डॉ. कात्यायन मिश्रा और डॉ. मनोहर भंडारी (एमडी फिजियोलॉजी का शोध पत्र हिंदी में प्रस्तुत किया है) को सम्मानित किया। प्रमुख सचिव श्री संदीप यादव ने कहा कि चिकित्सक शासकीय अथवा निजी किसी भी क्षेत्र में हो मानवता की सेवा का कार्य करता है। डॉक्टर्स को भगवान का दर्जा दिया गया है। यह एक बड़ी ज़िम्मेदारी भी है। इसे ध्यान देते हुए आत्ममंथन की आवश्यकता है। उन्होंने आह्वान किया कि हम पूर्ण समर्पण से सेवा को प्राथमिकता देते हुए कार्य करें। डीन जीएमसी भोपाल डॉ. कविता सिंह, चिकित्सा शिक्षक, चिकित्सा शिक्षा संघ के पदाधिकारी और छात्र उपस्थित रहे।

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