“महा कुंभ संपन्न, भारत की एकजुटता का प्रतीक” – पीएम मोदी

मोदी बोले- ‘महा कुंभ’ नए भारत की चेतना का प्रतीक, सेवा में कोई कमी रह गई हो तो मां गंगा से क्षमा चाहता हूं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को महा कुंभ को एक विशाल आध्यात्मिक आयोजन के साथ-साथ एक नए भारत की चेतना का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन उस राष्ट्र की भावनाओं को दर्शाता है, जो वर्षों की मानसिक गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर अब खुलकर सांस ले रहा है। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा, “महा कुंभ संपन्न हो गया। एकता के इस ‘महायज्ञ’ का सफल समापन हो गया।” उन्होंने इस भव्य आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पवित्र संगम में स्नान करने का जिक्र करते हुए कहा कि यह दिखाता है कि भारत अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है और यह एक नए युग की शुरुआत का संकेत देता है, जो देश का भविष्य संवारने वाला है।
मां गंगा, यमुना, सरस्वती और श्रद्धालुओं से मांगी क्षमा
प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती के साथ-साथ वहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं से किसी भी तरह की सेवा में कमी रह जाने के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने माना कि इतने बड़े आयोजन की व्यवस्थाएं करना आसान नहीं था। गौरतलब है कि इस बार महा कुंभ में भारी भीड़ उमड़ी थी, जिसमें भगदड़ की एक घटना में कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। उत्तर प्रदेश सरकार के अनुसार, 13 जनवरी से शुरू हुए इस पवित्र आयोजन में अब तक 65 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालु संगम नगरी प्रयागराज पहुंच चुके हैं।
योगी सरकार की तारीफ, प्रयागराज के लोगों का आभार
अपने ब्लॉग में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि एक सांसद होने के नाते उन्हें गर्व है कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार, प्रशासन और जनता ने मिलकर इस ‘एकता के महा कुंभ’ को सफल बनाया। उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे सफाई कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों, नाविकों, ड्राइवरों और रसोइयों की भी सराहना की। मोदी ने प्रयागराज के स्थानीय लोगों की भी दिल से प्रशंसा करते हुए कहा कि हर व्यक्ति ने पूरी श्रद्धा और सेवा-भाव से इसे सफल बनाने में योगदान दिया।
इतिहास में पहली बार हुआ कुछ ऐसा, कई सदियों के लिए रखी नींव
प्रधानमंत्री मोदी ने इस महा कुंभ को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि जो पिछले कई दशकों में कभी नहीं हुआ, वह इस बार हुआ है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन आने वाली कई सदियों के लिए एक नई परंपरा की नींव रखेगा। उन्होंने बताया कि इस बार महा कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस कुंभ में अमेरिका की कुल जनसंख्या से भी दोगुने श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस मेले में आने वाले लोगों की संख्या का आकलन पिछली बार के अनुभवों के आधार पर किया था, लेकिन असली संख्या इससे कहीं अधिक निकली।



