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Politics

तमिलनाडु में सीट बंटवारे पर सियासी हलचल: डीएमके ने कांग्रेस को दिया मंगलवार तक का अल्टीमेटम

तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा मोड़: डीएमके ने कांग्रेस को सीट बंटवारे पर दिया अंतिम मौका-तमिलनाडु की राजनीति इन दिनों काफी गर्म है। 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ पार्टी डीएमके ने अपने पुराने सहयोगी कांग्रेस को साफ संदेश दिया है कि वह मंगलवार तक सीट बंटवारे के प्रस्ताव पर अपना फैसला दे। डीएमके ने कांग्रेस को 25 विधानसभा सीटें और एक राज्यसभा सीट देने का प्रस्ताव रखा है। अब सबकी नजर कांग्रेस के फैसले पर टिकी है।

राज्यसभा चुनाव की समयसीमा ने बढ़ाया दबाव-डीएमके ने यह डेडलाइन इसलिए तय की है क्योंकि तमिलनाडु में छह राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अगर कांग्रेस मंगलवार रात तक जवाब नहीं देती है तो डीएमके बुधवार को तीन राज्यसभा उम्मीदवारों की घोषणा कर सकती है और एक सीट नए सहयोगी डीएमडीके को दे सकती है। अगर कांग्रेस प्रस्ताव मान लेती है, तो उसे एक राज्यसभा सीट मिलेगी और डीएमके दो सीटों पर चुनाव लड़ेगी।

कांग्रेस की मांग और अंदरूनी मंथन-कांग्रेस पहले 2016 की तरह 41 सीटों की मांग कर रही थी, लेकिन बाद में उसने अपनी मांग कम कर दी। अब भी पार्टी 34 सीटों से नीचे जाने को तैयार नहीं है। सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सोनिया गांधी गठबंधन जारी रखने के पक्ष में हैं, जबकि राहुल गांधी अभी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचे हैं। पार्टी नेतृत्व ने विधायकों और जिला अध्यक्षों से भी राय ली है कि मौजूदा प्रस्ताव स्वीकार किया जाए या ज्यादा सीटों की मांग की जाए।

क्या टीवीके बन सकता है नया विकल्प?-डेडलाइन के बाद सियासी अटकलें तेज हो गई हैं कि कांग्रेस अभिनेता-राजनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्रि कझगम (टीवीके) के साथ जा सकती है। हालांकि कांग्रेस के कई विधायक और सांसद डीएमके के साथ बने रहने के पक्ष में हैं। उनका मानना है कि चुनाव से ठीक पहले गठबंधन तोड़ना पार्टी की साख पर असर डाल सकता है और संसद में बीजेपी के खिलाफ संयुक्त रणनीति भी कमजोर पड़ सकती है।

आगे क्या होगा, सबकी नजर फैसले पर-डीएमके का कहना है कि वह राज्यसभा चुनाव को देखते हुए ज्यादा इंतजार नहीं कर सकती। वहीं कांग्रेस का तर्क है कि विधानसभा सीटों का समझौता राज्यसभा के दबाव में नहीं होना चाहिए। अब देखना यह है कि कांग्रेस मंगलवार तक क्या फैसला लेती है। यह निर्णय न सिर्फ तमिलनाडु की राजनीति बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी गठबंधन की दिशा तय कर सकता है।

तमिलनाडु की राजनीति में इस समय गठबंधन की दिशा तय करने वाला मोड़ आया है। डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर चल रही बातचीत का नतीजा आने वाले दिनों में साफ होगा। यह फैसला न केवल राज्य की राजनीति बल्कि देश की राजनीतिक तस्वीर पर भी असर डालेगा।

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