Madhya Pradesh

निजी प्रकाशक भी एनईपी-2020 के अनुरूप विषय वस्तु पर आधारित आकर्षक और मितव्ययी पुस्तकें करें तैयार : स्कूल शि‍क्षा मंत्री सिंह

भोपाल : स्‍कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह ने बुधवार को राज्‍य शिक्षा केंद्र, स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा भोपाल के होटल अशोका लेकव्‍यू में आयोजित “राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के अनुरूप विषय वस्तु का पुस्तकों में समावेश” विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्‍होंने कहा कि राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 न केवल पाठ्यक्रम परिवर्तन का दस्तावेज है, बल्कि यह भारत केन्द्रित, बाल-केन्द्रित और भविष्य केन्द्रित शिक्षा दृष्टि है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 अनेक शिक्षाविदों और विशेषज्ञों के अथक परिश्रम का परिणाम है। ऐसी पाठ्य पुस्तकें तैयार हों जो वि‌द्यार्थी में जिज्ञासा, तर्कशक्ति, सृजनशीलता और भारतीयता तथा पर्यावरण के प्रति संरक्षण की दृष्टि के बोध को विकसित करें। पुस्तक शिक्षक के लिए मार्गदर्शक बने, बोझ नहीं। हमारा उ‌द्देश्य ऐसी पाठ्यपुस्तकें निर्मित करना है जो राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की भावना के अनुसार “भारत की आत्मा, विज्ञान की दृष्टि, और भविष्य के विश्वास” को समेकित करें।

मंत्री श्री सिंह ने कहा कि निजी विद्यालयों में प्रयुक्‍त होने वाली पाठ्यपुस्तकों में भी यह सुनिश्चित किया जाना आवश्‍यक है कि, उनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के निर्देशों के अनुरूप एनसीईआरटी और एससीईआरटी ‌द्वारा तैयार की गयी विषय वस्तु का समावेश हो।स्कूल शिक्षा मंत्री श्री सिंह ने कहा कि मध्यप्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित पुस्तकों के उदाहरण को ध्यान में रखते हुए निजी विद्यालयों में प्रयुक्त की जाने वाली पुस्तकों को भी बच्चों के लिए आकर्षक, गुणवत्तापरक बनाया जाना चाहिए। इसके लिए उन्‍होंने अनुभवी शिक्षकों, विभागीय अधिकारियों और निजी प्रकाशकों की समिति गठित करने का सुझाव भी दिया, जो पुस्तकों की गुणवत्ता, उपयोगिता और लागत पर समुचित मार्गदर्शन प्रदान करे। कार्यशाला में पाठ्य पुस्तक स्थायी समिति के सदस्य डॉ. भागीरथ कुमरावत ने राष्ट्रीय पाठ्यचर्या और एससीईआरटी, मध्यप्रदेश द्वारा निर्मित राज्‍य पाठ्यचर्या की विस्तृत जानकारी प्रदान की।

सभी के सहयोग, अनुभव, प्रतिबद्धता से होंगे सफल : आयुक्‍त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्‍पा गुप्‍ता  आयुक्‍त, लोक शिक्षण श्रीमती शिल्‍पा गुप्‍ता ने कहा कि सभी के सहयोग, अनुभव और प्रतिबद्धता से हम राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्य पुस्‍तकों के निर्माण में सफल होंगे। शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा स्थापित करेंगे। कार्यशाला में मध्यप्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम के प्रबंध संचालक श्री विनय निगम, माध्यमिक शिक्षा मंडल की अतिरिक्त सचिव श्रीमती प्रियंका गोयल, संचालक लोक शिक्षण श्री के.के. द्विवेदी, संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र श्री हरजिंदर सिंह, कार्यशाला प्रभारी एवं अपर संचालक श्री शीतांशु शुक्ला, नियंत्रक पाठ्य पुस्तक प्रकोष्ठ सुश्री साक्षी जैन सहित निजी प्रकाशक एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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